साल 1975 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में लगाए गए आपातकाल की आज बरसी है. इस मौके पर देश के कई दिग्गज नेताओं द्वारा बयान दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य कई दिग्गजों ने इसको लेकर ट्वीट किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल की बरसी पर ट्वीट किया. उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के काले दिनों को कभी नहीं भूला जा सकता है. 1975 से 1977 के उस कालखंड में संस्थाओं को निशाना बनाया गया. हम इस बात का प्रण करें कि भारत के लोकतंत्र को मजबूत रखेंगे. कांग्रेस ने देश के लोकतांत्रिक चरित्र को रौंदा था.
This is how Congress trampled over our democratic ethos. We remember all those greats who resisted the Emergency and protected Indian democracy.
— Narendra Modi (@narendramodi)
The can never be forgotten. The period from 1975 to 1977 witnessed a systematic destruction of institutions.
— Narendra Modi (@narendramodi)
Let us pledge to do everything possible to strengthen India’s democratic spirit, and live up to the values enshrined in our Constitution.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने ट्वीट में लिखा कि एक परिवार के विरोध में उठने वाले स्वरों को कुचलने के लिए थोपा गया आपातकाल आजाद भारत के इतिहास का एक काला अध्याय है. 21 महीनों तक निर्दयी शासन की क्रूर यातनाएं सहते हुए देश के संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले सभी देशवासियों के त्याग व बलिदान को नमन.
1975 में आज ही के दिन कांग्रेस ने सत्ता के स्वार्थ व अंहकार में देश पर आपातकाल थोपकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की हत्या कर दी। असंख्य सत्याग्रहियों को रातों रात जेल की कालकोठरी में कैदकर प्रेस पर ताले जड़ दिए। नागरिकों के मौलिक अधिकार छीनकर संसद व न्यायालय को मूकदर्शक बना दिया।
— Amit Shah (@AmitShah)
गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा कि 1975 में आज ही के दिन कांग्रेस ने सत्ता के स्वार्थ व अंहकार में देश पर आपातकाल थोपकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की हत्या कर दी. असंख्य सत्याग्रहियों को रातों रात जेल की कालकोठरी में कैदकर प्रेस पर ताले जड़ दिए. नागरिकों के मौलिक अधिकार छीनकर संसद व न्यायालय को मूकदर्शक बना दिया.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस अवसर पर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि 1975 में आज ही के दिन कांग्रेस पार्टी ने भारत के महान लोकतंत्र पर कुठाराघात कर देश पर 'आपातकाल' थोपा था. मैं उन सभी पुण्यात्मा सत्याग्रहियों को नमन करता हूं, जिन्होंने 'आपातकाल' की अमानवीय यातनाओं को सह कर भी देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना में सहयोग दिया था.
गौरतलब है कि 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी द्वारा देश में आपातकाल लगाया गया था. इस दौरान नागरिकों, प्रेस के तमाम अधिकारों को छीन लिया गया था. देश में मीडिया के पास बोलने की आजादी नहीं थी, तो वहीं नसबंदी का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा था.