त्रिपुरा और मेघालय चुनाव की तारीखों को लेकर भारतीय चुनाव आयोग से भूल हो गई. दरअसल पूर्वोत्तर के तीन राज्य त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. इसको लेकर जारी की गई एक प्रेस रिलीज में तारीखों में बदलाव कर दिया गया. हालांकि आयोग ने भूल को तुरंत सही भी कर लिया.
शुक्रवार को चुनाव आयोग ने त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड के चुनाव को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया था. इसमें त्रिपुरा और मेघालय की तारीखों में बदलाव हो गया था, हालांकि ये खबर वायरल होते ही ECI ने फौरन उस गलती को ठीक कर लिया.
चुनाव आयोग ने त्रिपुरा में 16 फरवरी को होने वाले चुनावों को 27 फरवरी और मेघालय में 27 फरवरी को होने वाले चुनावों को 16 फरवरी करने की घोषणा कर दी थी. इसके अलावा नागालैंड के चुनाव में कोई बदलाव नहीं किया गया था. चुनाव आयोग ने अपनी गलती सुधार दी थी.
*Inadvertent typing mistake* in polling dates rectified in press note uploaded on ECI site "General Election to the Legislative Assemblies of Meghalaya, Nagaland & Tripura -Media Coverage during the period referred to in Section 126 of the R.P. Act, 1951"
— Spokesperson ECI (@SpokespersonECI)
18 जनवरी को हुआ था चुनाव
बता दें कि बीते 18 जनवरी को भारतीय निर्वाचन आयोग ने पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के चुनाव की तारीखों की घोषणा की थी. तीनों राज्यों में पिछली बार की तरह दो चरणों में चुनाव होंगे. त्रिपुरा में 16 फरवरी को मतदान होगा. तो वहीं, नगालैंड और मेघालय में एक साथ 27 फरवरी को वोटिंग होगी. तीनों राज्यों में 2 मार्च को नतीजे आएंगे.
तीनों राज्यों में 60 सीटें
त्रिपुरा में जहां बीजेपी की सरकार है, तो वहीं मेघालय और नगालैंड में बीजेपी सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है. तीनों राज्यों में पिछले साल फरवरी में ही वोटिंग हुई थी. तीनों राज्यों में 60 विधानसभा सीटें हैं. ऐसे में सरकार बनाने के लिए बहुमत के लिए 31 का आंकड़ा चाहिए.
2018 में भी दो चरणों में हुए थे चुनाव
नागालैंड विधानसभा का कार्यकाल 12 मार्च, मेघालय विधानसभा का 15 मार्च और त्रिपुरा विधानसभा का कार्यकाल 22 मार्च को समाप्त हो रहा है. ऐसे में तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. 2018 में तीनों राज्यों में 2 चरणों में चुनाव हुआ था. पहले चरण में 18 फरवरी को त्रिपुरा में, तो दूसरे चरण में 27 फरवरी को मेघालय और नगालैंड में वोटिंग हुई थी. 3 मार्च 2018 को नतीजे आए थे.