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केरल के पूर्व CM विजयन और उनकी बेटी के घर ED रेड, 10 ठिकानों पर छापे

केरल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी. केंद्रीय एजेंसी वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक गंभीर मामले में राज्य के 10 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है,

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केरल के पूर्व सीएम विजयन और उनकी बेटी के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी. (File photo: ITG)
केरल के पूर्व सीएम विजयन और उनकी बेटी के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी. (File photo: ITG)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल में 10 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री और केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन के ठिकाने भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है, जिसमें केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी और उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का नाम सामने आया था. ये मामला कोच्चि स्थित कोच्चि मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े कथित अवैध भुगतानों और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है.

इस छापेमारी का मुख्य आधार अप्रैल 2025 में SFIO (Serious Fraud Investigation Office) द्वारा दायर चार्जशीट है. SFIO ने वीणा विजयन की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (ESPL) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप है कि कंपनी को कोच्चि स्थित Cochin Minerals and Rutile Limited (CMRL) से 2018-19 से तीन वर्षों तक बिना कोई सेवा दिए 'अवैध भुगतान' प्राप्त हुए. 2017 में एक्सालॉजिक और CMRL के बीच सॉफ्टवेयर और मार्केटिंग सेवाओं के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया गया था, लेकिन जांच में पाया गया कि निर्धारित सेवाएं प्रदान ही नहीं की गईं.

बताया जा रहा है कि इस पूरे विवाद की जड़ें वर्ष 2017 में जुड़ी हैं, जब मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक ने कोच्चि मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) के साथ सॉफ्टवेयर और मार्केटिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए एक औपचारिक अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) किया था. आरोप है कि इस अनुबंध (एग्रीमेंट) की आड़ में बिना कोई काम किए करोड़ों रुपयों का संदिग्ध लेनदेन किया गया.

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इस कथित वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा सबसे पहले वर्ष 2019 में हुआ था, जब आयकर (IT) विभाग ने सीएमआरएल (CMRL) के परिसरों पर एक बड़ी छापेमारी की थी. आयकर विभाग ने इस तलाशी अभियान के बाद एक विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी की कंपनी को किए गए संदिग्ध भुगतानों का पहली बार आधिकारिक तौर पर उल्लेख किया गया था.

विवाद के लगातार बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने जनवरी 2024 में एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस, सीएमआरएल और केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (KSIDC) से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के इन गंभीर आरोपों की जांच के लिए एसएफआईओ (SFIO) को आदेश दिए थे. गौरतलब है कि इस मामले से जुड़ी निजी कंपनी सीएमआरएल में सरकारी संस्था केएसआईडीसी (KSIDC) की कुल 13.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

एसएफआईओ की जांच और आयकर विभाग की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आखिरकार मार्च 2024 में इस पूरे वित्तीय घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का एक नया मामला दर्ज किया था. इसी मामले में अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने अब मुख्यमंत्री और उनकी बेटी के ठिकानों पर यह बड़ी छापेमारी की है, जिससे केरल में सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है.

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