दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके गुलमोहर पार्क में दूषित पानी की सप्लाई ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. पिछले एक हफ्ते से इलाके के कई घरों में पीला, बदबूदार और कीचड़ मिला पानी आ रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पानी में सीवेज मिला हुआ है. इसकी वजह से कई परिवारों में पेट से जुड़ी बीमारियां फैलने लगी हैं. बच्चों और बुजुर्गों में दस्त, पेट दर्द और गैस्ट्रो की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं.
गुलमोहर पार्क की पोस्ट कॉलोनी में रहने वाले 75 वर्षीय रिटायर्ड इंजीनियर कपिल देव उम्मत ने बताया कि घर में आने वाले पानी से सीवर जैसी तेज बदबू आती है. दूषित पानी पीने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई और अब उन्हें दवाइयां लेनी पड़ रही हैं.
दिल्ली जल बोर्ड की सप्लाई में आने वाले दूषित पानी को पीने से बीमार होने वाले कपिल अकेले नहीं हैं. बल्कि इस इलाके के कई घरों में बच्चे और बुजुर्ग गंभीर रूप से बीमार हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने अब अपने घरों के वाटर टैंक साफ कराने शुरू कर दिए हैं.
पानी के टैंक साफ करने वाले कर्मचारी शिव कुमार ने बताया कि इन दिनों गुलमोहर पार्क, पंचशील पार्क, पंचशील एन्क्लेव और डिफेंस कॉलोनी जैसे बेहद पॉश इलाकों से रोजाना टैंक सफाई के अनुरोध और शिकायतें आ रही हैं. दूषित और बदबूदार पानी आने की वजह से लोग घबराकर अपने घरों की टंकियां साफ करवा रहे हैं.
गुलमोहर पार्क की आरडब्ल्यूए अध्यक्ष निरुपमा वर्मा ने कहा, 'मामले को लेकर दिल्ली जल बोर्ड और संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर दी गई है. शिकायत के बाद विभाग हरकत में तो आया है, लेकिन वो अपनी गलती मानने के बजाय कॉलोनी में चल रहे कंस्ट्रक्शन वर्क (निर्माण कार्य) और दूसरी एजेंसियों द्वारा ड्रेन क्लीनिंग (नालों की सफाई) में की गई लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.'
अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और निर्माण स्थलों के पास संभावित प्रदूषण स्रोतों और क्षतिग्रस्त भूमिगत पाइप लाइनों की पहचान की.
अधिकारियों के अनुसार, निर्माणाधीन कार्यों के पास बनाए गए अवैध शौचालयों के कारण पेयजल पाइप लाइनों में सीवेज का रिसाव हो सकता है. इसके अलावा एक नाले के पास स्थित पुरानी पाइपलाइन में उचित सीलिंग न होने के कारण संदूषण का खतरा बढ़ गया है.
दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी केके मीणा ने बताया, 'प्रभावित इलाकों में मरम्मत का काम शुरू हो चुका है. जल बोर्ड की टीम पाइपलाइनों के टूटे हिस्सों का पता लगाने के लिए टीमें खुदाई कर पाइपलाइन की जांच कर रही हैं. समस्या के पूरी तरह से हल होने तक इलाके में रहने वाले सभी लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है.
अधिकारियों के आश्वासनों के बावजूद, कई परिवार अभी-भी परेशान हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बुनियादी ढांचे में पानी सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं.