scorecardresearch
 

सोनिया गांधी के सचिव विंसेंट जॉर्ज के बंगले को खाली कराने का नोटिस, केंद्र ने बताया अवैध कब्जा

कांग्रेस को भेजे गए नोटिस  में कहा गया है कि इस बंगले को खाली करने का निर्देश दिया जाता है. इस बंगले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सचिव विंसेंट जॉर्ज रहते हैं.

Advertisement
X
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (फाइल फोटो)
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • डीओई द्वारा 25 मार्च को भेजा गया था नोटिस
  • बंगले में सोनिया गांधी के सचिव विंसेंट जॉर्ज रह रहे हैं

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने कांग्रेस पार्टी को कारण बताओ नोटिस भेजकर लुटियंस दिल्ली के चाणक्यपुरी में स्थित एक फ्लैट खाली करने के लिए कहा है. इस फ्लैट में कांग्रेस पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी के सचिव विंसेंट जॉर्ज रह रहे हैं. 

कांग्रेस को भेजे गए नोटिस  में कहा गया है कि इस बंगले को खाली करने का निर्देश दिया जाता है. सूत्रों ने बताया कि 25 मार्च को जारी इस नोटिस में कहा गया है कि फ्लैट नंबर सी-II/109 पर कब्जा अवैध है और इसे खाली किया जाए. 

नोटिस में कहा गया है कि इस आवास का आवंटन 2013 में मंत्रालय के संपदा निदेशालय ने रद्द कर दिया था.

अधिकारियों के अनुसार दिल्ली के वीवीआई इलाके चाणक्यपुरी में स्थित इस संपत्ति में अधिक रहने के लिए कांग्रेस पर लगभग 3 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है.

अधिकारियों ने कहा कि पार्टी को तीन दिन के भीतर नोटिस का जवाब देने के लिए कहा गया है. नोटिस में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर यह बताने को कहा गया है कि बेदखली का आदेश (Eviction notice) क्यों नहीं जारी किया जाए. 

Advertisement

नियम कहता है कि इस केस में जिसे बंगला आवंटित हुआ वह व्यक्तिगत रूप से या विधिवत अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से इस मामले में पेश हो सकता है. 

अधिकारियों ने कहा कि यदि आवंटी कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देता है या निर्धारित समय के भीतर पेश नहीं होता है, तो मामले का एकतरफा फैसला किया जा सकता है.

केंद्र सरकार पूर्व मंत्रियों और पूर्व सांसदों से सरकारी बंगले खाली करवा रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार के पहले ही साल 460 नेताओं से सरकारी बंगले खाली कराए गए थे. 

नेताओं से बंगले खाली कराने के लिए मकसद से 2019 में मोदी सरकार ने एक सख्त कानून भी बनाया था. इस कानून के मुताबिक, समय पर बंगले खाली न करने पर 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा ये भी कहा गया कि नोटिस मिलने के तीन दिन बाद सरकार बंगले खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है.

Advertisement
Advertisement