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बिहार कांग्रेस में अंदरूनी कलह! राहुल गांधी का छात्रों से संवाद का कार्यक्रम टला, अब देहरादून में होगा सेमिनार

बिहार कांग्रेस के अंदर बढ़ती गुटबाजी और आंतरिक कलह के कारण पटना में 15 जुलाई को होने वाले इस फ्लैगशिप कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है. अब ये दूसरा कार्यक्रम पटना के बजाय 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं.

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राहुल गांधी का पटना में होने वाला आउटरीज कार्यक्रम टला. (File photo: ITG)
राहुल गांधी का पटना में होने वाला आउटरीज कार्यक्रम टला. (File photo: ITG)

कांग्रेस पार्टी ने NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे जैसे छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' की शुरुआत की थी, लेकिन बिहार कांग्रेस की अंदरूनी कलह के चलते पटना में होने वाले कार्यक्रम को टाल दिया गया है. अब पटना की जगह ये कार्यक्रम देहरादून में आयोजित करने का फैसला लिया गया है.

दरअसल, राहुल गांधी के छात्रों से संवाद कार्यक्रम की शुरुआत प्रयागराज में 10 जुलाई को होनी थी, लेकिन उनकी (राहुल गांधी) विदेश यात्रा बढ़ाए जाने के कारण कार्यक्रम को टाल दिया गया है. अब उनके 12 तारीख की सुबह दौरे से लौटने की बात कही जा रही है. इसी तरह पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बिहार यूनिट में बढ़ती गुटबाजी और आंतरिक कलह के कारण 15 जुलाई को पटना में छात्रों के साथ होने वाले कार्यक्रम को भी टाल दिया गया है. अब ये कार्यक्रम 17 जुलाई को देहरादून में होगा और इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं.

बैठक में खुलकर सामने आए मतभेद

सूत्रों ने बताया कि पटना के कार्यक्रम को टालने का फैसला बिहार प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की एक हालिया बैठक के बाद लिया गया. इस बैठक में राज्य प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष शामिल हुए थे, जहां प्रतिद्वंदी गुटों के बीच के मतभेद खुलकर सबके सामने आ गए. सांगठनिक दरार को बढ़ता देख पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल पटना के आयोजन को आगे बढ़ाना ही बेहतर समझा. कांग्रेस इस मुहिम की साख को बनाए रखने के लिए देहरादून में पहला कार्यक्रम करने जा रही है, क्योंकि कोटा में इसकी शुरुआत को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी.

पंजाब-गोवा में भी मतभेद

ये सांगठनिक अशांति केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य कांग्रेस इकाइयों में भी असंतोष के संकेत मिल रहे हैं. पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और वरिष्ठ नेताओं चरणजीत सिंह चन्नी व सुखजिंदर सिंह रंधावा के बीच सार्वजनिक खींचतान जारी है, जिसे सुलझाने के लिए एआईसीसी महासचिव और राज्य प्रभारी भूपेश बघेल पांच दिवसीय दौरे पर हैं.

वहीं, गोवा में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से अमित पाटकर को हटाकर गिरीश चोडंकर को लाने से पाटकर के खेमे में नाराजगी पैदा हो गई है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के समर्थकों ने नेतृत्व परिवर्तन पर निराशा जताई है और दावा किया है कि उनके संगठनात्मक प्रयासों के बावजूद बिना किसी पूर्व परामर्श के यह बदलाव किया गया. सूत्रों का संकेत है कि इस खेमे के कुछ सदस्य एक नया राजनीतिक संगठन बनाने के संबंध में चुनाव आयोग से संपर्क करने पर भी विचार कर रहे हैं.

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का ये भी कहना है कि बिहार, पंजाब और गोवा के असंतुष्ट नेता राहुल गांधी से मिलकर अपनी चिंताएं सीधे उनके सामने रखना चाहते हैं. संसद के मॉनसून सत्र से पहले गांधी के विदेश दौरे से लौटने पर इन अंदरूनी चुनौतियों से निपटना उनकी तत्काल प्राथमिकताओं में शामिल होगा.

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बीजेपी ने साधा निशाना

उधर, कांग्रेस नेतृत्व कोटा से शुरू किए ‘स्टूडेंट्स वॉइस’ कार्यक्रम को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद इसे जारी रखना चाहता है. पार्टी सूत्रों का मानना है कि पहले कार्यक्रम को देहरादून ले जाने का मकसद ये सुनिश्चित करना है कि बिहार में संगठनात्मक विवादों के कारण ये अभियान प्रभावित न हो.

दूसरी तरफ राहुल गांधी के प्रस्तावित बिहार दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने तंज कसा है. उन्होंने कई राज्यों में पार्टी को मिली चुनावी हार का हवाला देते हुए कहा कि राहुल गांधी, जहां भी जाते हैं. वहां कांग्रेस का पतन होता है.

बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी नेता अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और तर्क दिया कि आगामी चुनावों से पहले ऐसी टिप्पणियां राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं.

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