संसद के चालू बजट सत्र के दौरान मंगलवार को राज्यसभा में कांग्रेस के चीफ व्हिप जयराम रमेश चेयर से आई व्यवस्था के खिलाफ खड़े हो गए. जयराम रमेश की आपत्ति के बाद चेयर ने बाकी सदस्यों को बोलने के लिए अलाऊ किया और सदन की कार्यवाही जारी रही. राज्यसभा में यह अनुपूरक अनुदान मांगों के दूसरे बैच पर चर्चा के बाद हुआ. तब चेयर पर डिप्टी चेयरमैन पैनल की एस फान्गनॉन कोन्याक थीं.
दरअसल, राज्यसभा में अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद चेयर से डिप्टी चेयरमैन पैनल की एस फान्गनॉन कोन्याक ने कहा कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में यह तय हुआ था कि वित्त मंत्री अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब फाइनेंस बिल के साथ देंगी. उन्होंने कहा कि अगर सदन की सहमति हो तो वित्त मंत्री अनुपूरक अनुदान मांगों और फाइनेंस बिल 2026 पर चर्चा का जवाब संयुक्त रूप से देंगी. इस पर सदन ने सहमति दे दी.
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चेयर से एस फान्गनॉन कोन्याक ने कहा कि आज के लिए 14 स्पेशल मेंशन को मंजूरी दी गई थी. उन्होंने कहा कि सदस्य अपने स्पेशल मेंशन का सब्जेक्ट पढ़ सकते हैं और इसे सदन में टेबल कर सकते हैं. इस पर असहमति जाहिर करते हुए कांग्रेस के चीफ व्हिप जयराम रमेश अपनी सीट पर खड़े हुए और कहा कि नो...नो... नो... यह तय हो चुका है कि वे बोलेंगे. वे टेबल नहीं करेंगे. इस पर ट्रेजरी बेंच से किसी सदस्य ने कहा कि चेयर जो बोलेगा, वो होगा.
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चेयर से एस फॉन्गनॉन कोन्याक ने कहा कि ठीक है. जो सदस्य चाहें, वे बोल सकते हैं. उन्होंने पहले वक्ता के तौर पर गुजरात से बीजेपी के राज्यसभा सांसद बाबूभाई जेसंगभाई देसाई का नाम लिया. बीजेपी सांसद बाबूभाई ने अपने स्पेशल मेंशन का सब्जेक्ट पढ़कर उसे टेबल कर दिया. दूसरे वक्ता के तौर पर चेयर ने बिहार से कांग्रेस के सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह का नाम लिया. अखिलेश प्रसाद सिंह नदियों की इंटरलिंकिंग का मुद्दा उठाया. उन्होंने अपनी पूरी बात सदन में रखी.