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CAPF, बैंकरप्सी और जन विश्वास... संसद के दोनों सदनों से 1 दिन में चार बिल पास

लोकसभा में कार्यवाही का हंगामेदार आगाज हुआ. विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका. लेकिन कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई, आठ घंटे की बैठक में दो बिल पारित हो गए.

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अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने का बिल पारित (Photo: ITG)
अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने का बिल पारित (Photo: ITG)

बुधवार को संसद के दोनों सदनों से दो-दो बिल पास हुए. लोकसभा में कार्यवाही का हंगामेदार आगाज हुआ और प्रश्नकाल की कार्यवाही नहीं चल सकी. एफसीआरए बिल के विरोध में विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. सदन की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई, देर शाम आठ बजे तक चली और इस दौरान अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में कानूनी दर्जा देने वाले बिल के साथ ही जन विश्वास बिल पारित किया. वहीं, राज्यसभा से भी दो बिल पारित हुए हैं.

राज्यसभा में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) बिल पर हुई चर्चा का गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने जवाब दिया. नित्यानंद् राय ने इस बिल को जरूरी बताया. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बिल को सलेक्ट कमेटी में भेजने की मांग की. वोटिंग से पहले विपक्षी दलों के सांसद राज्यसभा से वॉकआउट कर गए. विपक्ष की गैरमौजूदगी में ध्वनिमत से वोटिंग हुई और यह बिल पारित हो गया. यह बिल पेश होने के बाद कॉर्पोरेट राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बैंकरप्सी बिल सदन में पेश किया.

राज्यसभा में बैंकरप्सी बिल पर चर्चा का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया. वित्त मंत्री के जवाब के बाद यह बिल भी ध्वनिमत से पारित हो गया. राज्यसभा में ऐसे मौके भी आए, जब सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों में गर्मागर्म बहस हुई. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच एलपीजी के मुद्दे पर चर्चा को लेकर तीखी तकरार हुई. वहीं, कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने सत्तापक्ष के एक सदस्य की ओर से एअर इंडिया स्कैम का उल्लेख किए जाने पर आपत्ति की.

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राजीव शुक्ला ने कहा कि प्रफुल्ल पटेल मेरे मित्र हैं. उन पर आरोप मत लगाइए. उन्होंने कहा कि प्रफुल्ल पटेल अब आपके साथ हैं. उन पर आरोप लगाए, इस पर कड़ी आपत्ति करता हूं. वो वॉशिंग मशीन वाली बात कही जाती है न, उनको तो साफ करके ही अपने साथ लिया. वहीं, लोकसभा में अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी का कानूनी दर्जा देने से जुड़ा संशोधन बिल और जन विश्वास बिल पारित हो गए.

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जन विश्वास बिल पर हुई चर्चा का जवाब उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दिया. पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से जब आजादी के सौ साल पूरे होने पर विकसित भारत बनाने का लक्ष्य बताया था. तब यह सिर्फ नारा नहीं था. उन्होंने कहा कि इसके पीछे एक गंभीर सोच थी, तेज विकास की. पीयूष गोयल ने कहा कि देश गुलामी से सहमा-सहमा रहता था. कई गल्तियां ऐसी हैं, जिनके लिए सजा होनी ही नहीं चाहिए थी.

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