रेप मामले में दोषी और वर्तमान में स्वास्थ्य आधार पर 6 महीने की अंतरिम जमानत पर बाहर आसाराम बापू गुरुवार को अयोध्या पहुंचे. उन्होंने राम जन्मभूमि में रामलला के दर्शन किए और हनुमानगढ़ी जाकर माथा टेका. इस दौरान उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास समेत कई बड़े संतों से मुलाकात की.
अयोध्या पहुंचने पर राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आसाराम बापू का स्वागत किया. इस मुलाकात के दौरान आसाराम ने चंपत राय को माला पहनाई. इसके बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी का रुख किया, जहां महंत राजू दास ने उनका स्वागत किया.
बता दें कि आसाराम लंबे समय से जेल में थे, लेकिन हाल ही में उन्हें इलाज और स्वास्थ्य कारणों से 6 महीने की जमानत मिली है. इस बीच उन्होंने भारी सुरक्षा और समर्थकों की मौजूदगी में दर्शन-पूजन संपन्न किया.
'न किसी से आरजू है न जुस्तजू'
दर्शन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए आसाराम नो मंदिर की भव्यता और अपने अनुभव को लेकर बात की. उन्होंने कहा, 'मंदिर भव्य बना है लेकिन सारे मंदिर यहां रामलला श्वेत हैं. यहां रामलला को... क्या रहस्य होगा पता नहीं जाता है. हम आशीर्वाद क्या, नाराजगी क्या. हम तो वो मर्द हैं जो हर हाल में खुश हैं. हमारी न किसी से आरजू है न जुस्तजू, हम राजी हैं उसमें जिसमें उसकी रजा है.'
' कितना भी अपराधी व्यक्ति आ जाए...'
आसाराम ने शास्त्रों का हवाला देते हुए अयोध्या को मोक्षदायिनी नगरी बताया. उन्होंने 'अयोध्या मथुरा माया...' श्लोक का जिक्र करते हुए कहा कि सात मोक्षदायिनी नगरियों में अयोध्या का नाम प्रथम है. उन्होंने कहा, यहां कितना भी अपराधी व्यक्ति आ जाए और अपराध करता रहे, तो भी नरक उसके लिए नहीं है. इसके कई प्रमाण मैं बता सकता हूं. जब तक उसे सद्गति का रास्ता नहीं मिलता, वो यहीं रहेगा. इन सात जगहों में मोक्ष देने की शक्ति है, इसे मैं स्वीकार करता हूं.'
आसाराम ने आगे कहा कि वो इंतजार में नहीं बल्कि 'समीक्षा' (खोज) में विश्वास रखते हैं. उनकी खोज के मुताबिक, अयोध्या की खासियत है कि यहां आने वाला व्यक्ति चाहे जैसा भी हो, वो नरक की आग में नहीं जलता.
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बीमारियों और आयुर्वेद का जिक्र
बीमारियों और आयुर्वेद का जिक्र करते हुए आसाराम ने बताया कि मानव शरीर में वात से 80, पित्त से 30 और कफ से 20 बीमारियां होती हैं. उन्होंने कहा कि आमतौर पर जगहों पर दो दोष होते हैं, लेकिन इन सात पवित्र नगरियों में सिर्फ एक ही दोष होता है. इसी कारण ये सात नगरियां स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं, जिनमें अयोध्या का नाम सबसे ऊपर है.