झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार 10 दिनों से जारी है. छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी थी और कई परीक्षाओं में अनियमितिताएं भी हुई. (Photo: PTI)
पूरा मामला 5 जुलाई से शुरू हुआ जब 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के नतीजे घोषित हुए. नतीजों के बाद परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियां सामने लगीं जिसके बाद छात्रों ने 25 जुलाई से जंतर मंतर की तरह ही झारखंड में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. (Photo: PTI)
25 जुलाई से छात्रों ने यह सत्याग्रह शुरू किया और 29 जुलाई से स्टेडियम में छात्र धरना देकर बैठे हैं. छात्रों की मांग है कि परीक्षा में हुई अनियमितिताओं की CBI जांच की जाए. (Photo: PTI)
अब छात्रों के इस प्रदर्शन में उनका साथ देने के लिए कोसो दूर बैठे लोगों ने स्विगी और जोमैटो ने उन्हें खाना भिजवाना शुरू कर दिया है. ये वह लोग हैं जिनका प्रदर्शनकारियों से कोई नाता नहीं है लेकिन फिर भी उनका साथ देने के लिए वे उन्हें खाना भेजवा रहे है. (Photo: ITG)
इस तरह मदद करके लोग छात्रों का साथ दे रहे हैं. प्रदर्शन में 'झारखंड सरकार होश में आओ' के नारे गूंज रहे हैं और छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं. (Photo: ITG)
यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन जैसा ही है. जैसे वहां छात्र नीट पेपर लीक को लेकर धरने पर बैठे थे, उसी तरह झारखंड में छात्र जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर धरने पर हैं.(Photo: PTI)
इस आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी का भी समर्थन मिला है. सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि उन्होंने छात्र नेताओं से वीडियो कॉल पर बात की और उन्हें समर्थन का आश्वासन दिया. (Photo: PTI)