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हनीमून पर सिंगापुर-बाली जा रहा था कपल, मुंबई एयरपोर्ट पर नकली निकले टिकट, 3.71 लाख का लगा फटका

जालना का एक नवविवाहित दंपति हनीमून पर सिंगापुर और बाली जा रहा था, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पर उनके विमान टिकट फर्जी पाए गए.। ट्रैवल एजेंट ने टूर पैकेज, वीजा और होटल बुकिंग के नाम पर 3.71 लाख रुपये की ठगी की. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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नवविवाहित दंपति के विमान टिकट निकले फर्जी. (File Photo: ITG)
नवविवाहित दंपति के विमान टिकट निकले फर्जी. (File Photo: ITG)

जालना के एक नवविवाहित दंपति का हनीमून का सपना उस समय टूट गया जब वो सिंगापुर और बाली की खूबसूरत वादियों में घूमने के लिए मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे. शादी के बाद दोनों ने इस विदेश यात्रा को अपनी नई जिंदगी की खास शुरुआत के रूप में चुना था. लेकिन एयरपोर्ट पर पहुंचते ही जो हुआ उसने उनकी सारी खुशी छीन ली. एयरपोर्ट पर जांच के दौरान अधिकारियों ने जब उनके विमान टिकटों की जांच की तो वह पूरी तरह फर्जी निकले. यह सुनते ही दंपति और उनके परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. जिस यात्रा के लिए उन्होंने महीनों से तैयारी की थी, वह शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई.

यह मामला महाराष्ट्र के जालना जिले का है, जहां एक ट्रैवल एजेंट पर नवविवाहित दंपति से 3 लाख 71 हजार 300 रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है. इस मामले में सदर बाजार पुलिस थाने में आरोपी ट्रैवल एजेंट सुरेंद्रनाथ उर्फ जयेंद्रनाथ जगन्नाथ मोरे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़ित परिवार ने मनमाड स्थित जेवायपी हॉलिडेज प्राइवेट लिमिटेड और एस प्रकृति हॉलिडेज के माध्यम से कई टूर पैकेज बुक किए थे. इनमें सिंगापुर और बाली का हनीमून पैकेज, वीजा प्रक्रिया, गोवा यात्रा और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए वृंदावन, मथुरा और आगरा की यात्रा शामिल थी.

चेकिंग में फर्जी निकले विमान टिकट

परिवार ने अलग-अलग समय पर ऑनलाइन भुगतान किया था. शुरुआत में ट्रैवल एजेंट ने उन्हें पूरी तरह भरोसे में ले लिया था. उसने टिकट, होटल बुकिंग और वीजा से जुड़े दस्तावेज भी भेजे थे, जिससे परिवार को किसी तरह का शक नहीं हुआ. 30 जनवरी 2026 को आरोपी ने व्हाट्सएप के जरिए विमान टिकट और होटल बुकिंग के दस्तावेज भेजे. दस्तावेज देखने के बाद परिवार को पूरा विश्वास हो गया कि उनकी यात्रा तय है. इसके बाद 1 फरवरी को नवविवाहित दंपति अपने हनीमून के लिए मुंबई एयरपोर्ट पहुंचा.

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लेकिन एयरपोर्ट पर जांच के दौरान अधिकारियों ने बताया कि उनके पास मौजूद सभी टिकट फर्जी हैं और किसी भी वैध बुकिंग से उनका कोई संबंध नहीं है. यह सुनते ही दंपति सदमे में आ गया और उन्हें तुरंत अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी. यात्रा रद्द होने के बाद परिवार बेहद निराश होकर वापस लौट आया. उन्होंने लाखों रुपये खर्च किए थे, लेकिन न तो विदेश यात्रा हो सकी और न ही पैसे वापस मिले. यह उनके लिए बड़ा मानसिक और आर्थिक झटका साबित हुआ.

इसके बाद जब परिवार ने ट्रैवल एजेंट से संपर्क किया तो उसने टालमटोल शुरू कर दी. धीरे-धीरे परिवार को शक हुआ कि उनके साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है. इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जांच शुरू की.  जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ. वृंदावन, मथुरा और आगरा की जिन होटल बुकिंग का दावा किया गया था, वे भी पूरी तरह फर्जी निकलीं. संबंधित बिल और दस्तावेज भी नकली पाए गए. इससे साफ हो गया कि यात्रा से जुड़े लगभग सभी दस्तावेज झूठे थे.

होटल बुकिंग और वीजा दस्तावेज भी निकले फर्जी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जिस हॉलिडेज कंपनी के नाम पर टूर पैकेज बेचा जा रहा था, उसके बैनर पर लगाए गए क्यूआर कोड को बदल दिया गया था. आरोपी ने उसमें अपनी मां के बैंक खाते से जुड़ा क्यूआर कोड लगा दिया था. परिवार ने उसी क्यूआर कोड के माध्यम से अलग-अलग किस्तों में लाखों रुपये का भुगतान किया. यह रकम सीधे आरोपी की मां के बैंक खाते में जमा होती रही. इसी तरह पूरे परिवार को योजनाबद्ध तरीके से ठगा गया. पुलिस के अनुसार, नवंबर और दिसंबर 2025 के दौरान पीड़ित परिवार ने कई बार ऑनलाइन ट्रांसफर और गूगल पे के माध्यम से भुगतान किया था. हर बार एजेंट उन्हें यात्रा की पुष्टि और बुकिंग का भरोसा देता रहा.

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लेकिन वास्तविकता में किसी भी तरह की वैध बुकिंग नहीं की गई थी. यह पूरा मामला एक सुनियोजित धोखाधड़ी का हिस्सा था, जिसमें फर्जी दस्तावेजों और डिजिटल पेमेंट सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया गया. पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत करीब चार महीने पहले पुलिस को दी थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रारंभिक जांच की और दस्तावेजों की जांच की. इसके बाद पुलिस अधीक्षक के आदेश पर सदर बाजार पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया.

पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला

फिलहाल पुलिस आरोपी की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी ने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी ठगा है या नहीं. पुलिस बैंक खातों, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रही है. यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि ऑनलाइन ट्रैवल बुकिंग और भुगतान के समय पूरी सावधानी बरतना कितना जरूरी है. एक हनीमून यात्रा का सपना जहां खुशियों से भरा होना चाहिए था, वह एक बड़े धोखाधड़ी मामले में बदल गया.

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