महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लंबे वक्त से जारी गर्मी की वजह से लोगों को वर्सोवा बीच के किनारे सोते हुए देखा गया है. खुले आसमान के नीचे रेत पर आराम करते लोगों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं, जिससे गर्मी, रहने की जगह और सार्वजनिक जगहों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
इन तस्वीरों में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को रात के वक्त बीच पर बिछी चटाइयों पर लेटे हुए देखा जा सकता है. इनमें से कई लोग घर की असहज स्थितियों से बचने के लिए बीच का इस्तेमाल अस्थायी सोने की जगह के तौर पर करते नजर आ रहे हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में दर्जनों लोगों को मुंबई के वर्सोवा बीच के किनारे सोते हुए देखा जा सकता है. इन तस्वीरों ने शहर में रहने की जगह, पलायन, गरीबी और सार्वजनिक जगहों के इस्तेमाल को लेकर बहस छेड़ दी है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीच पर रात बिताने वाले कई लोग पास की झुग्गी-बस्तियों (जैसे इंदिरा नगर इलाका) के रहने वाले हैं. यह भी कहा जा रहा है कि जब उनके टिन की छत वाले घरों के अंदर गर्मी बर्दाश्त से बाहर हो जाती है, तो वे बाहर आ जाते हैं. ज्यादातर ऐसी स्थिति उस वक्त होती है, जब बार-बार बिजली कटती है.
सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे विजुअल्स के मुताबिक, लोग रात भर सोते हैं और सुबह अपने घर वापस जाते हैं. यह सिलसिला पिछले कुछ दिनों से चल रहा है.
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यह मामले ऐसे वक्त में सामने आया है, जब मुंबई में भीषण गर्मी पड़ रही है और दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आने में देरी हो रही है. आम तौर पर मॉनसून 10 जून के आसपास शहर में पहुंचता है, लेकिन इस साल इसकी रफ्तार धीमी रही है, जिससे लंबे वक्त तक जारी गर्मी को लेकर चिंता बढ़ गई है.
बारिश में देरी के बीच शहर के अधिकारी पानी की उपलब्धता पर भी नज़र रख रहे हैं. बीएमसी ने पानी बचाने के उपाय शुरू किए हैं और लोगों व संस्थानों से पानी की बर्बादी न करने की अपील की है.