scorecardresearch
 

महाराष्ट्र: एक और क्षेत्र में महिलाओं की नई छलांग, 75 साल बाद बस की स्टेयरिंग भी संभालेंगी 

महाराष्ट्र में महिला सशक्तिकरण के तहत बड़ा कदम उठाया गया है. अब पुरुषों के साथ ही महिलाएं को भी राज्य सरकार की बस परिवहन में चालाक के तौर पर शामिल किया गया है. नासिक मंडल में कुल 12 महिला चालकों की नियुक्ति की गई है. इसमें से सिर्फ माधवी की ही नियुक्ति यात्री और मालवाहक, दोनों तरह की बस चलाने के लिए की गई है.

Advertisement
X
बस चलाती हुई माधवी.
बस चलाती हुई माधवी.

महिलाएं अब सिर्फ रसोई और बच्चों को संभालने तक ही सीमित नहीं हैं. हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं. अब तक महिलाओं ने महाराष्ट्र स्टेट ट्रांसपोर्ट बस की बेल की रस्सी थामे बस कंडक्टर की भूमिका बखूबी निभाई. अब बस की स्टेयरिंग भी महिलाओं के हाथ में आ गई है. इसे महिला सशक्तिकरण के तहत एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है.
 
जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में 75 साल में पहली बार महिलाओं की एसटी बस परिवहन में चालाक के तौर पर नियुक्ति हुई है. नासिक मंडल में कुल 12 महिला चालकों को राज्य परिवहन बस सेवा के डिपो में नियुक्ति किया गया है. 

माधवी सालवे बनीं पहली यात्री और मालवाहक चालक

इसमें से सिर्फ माधवी की ही नियुक्ति यात्री और मालवाहक, दोनों तरह की बस चलाने के लिए की गई है. इसके बाद माधवी राज्य की पहली महिला बनीं हैं, जिन्होंने यात्री बस चलाई. माधवी ने अपनी पहली यात्री बस सिन्नर से नासिक रूट पर प्रोफेशनल तरीके से चलाई.

हाउस वाइफ थी, लेकिन ड्राइविंग के शौक ने दी पहचान 

माधवी संतोष सालवे नासिक के धुड़गांव की रहने वाली हाउस वाइफ थीं. माधवी को पहले से ही ड्राइविंग का शौक था. वह शौकिया तौर पर घर का टेंपो चलाती थीं. अब उन्हें एसटी निगम में ड्राइवर की नौकरी मिल गई है. माधवी का वर्ष 2019 की भर्ती प्रक्रिया में पहली बार 206 महिलाओं के साथ चालक एवं वाहक पद पर चयन किया गया था.

इसके बाद एसटी निगम ने अपने खर्चे पर उन्हें एक साल के लिए हैवी व्हीकल ट्रेनिंग दी. फिर उन्होंने एक साल तक बस चलाने का अभ्यास किया. इसके बाद एसटी बस में उनका विधिवत परीक्षण किया गया और उन्हें प्रशिक्षित कर सेवा में शामिल किया गया. शुरुआत में महिला होने के कारण माधवी से साथी चालक सवाल कर रहे थे कि आप महिला हैं, आप भारी वाहन कैसे चला सकती हैं. मगर, माधवी ने हार नहीं मानी और अपने काम में लगी रही.

Advertisement

महिला सशक्तिरण के तहत उठाया गया बड़ा कदम

माधवी की सफलता पर हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है. इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक आशाजनक कदम भी कहा जा रहा है. अपनी सफलता पर माधवी ने सिन्नर के सभी कर्मचारियों के साथ-साथ नासिक मंडल के सभी अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया. माधवी ने कहा कि उनके समर्थन के कारण यह संभव हो पाया है.

(रिपोर्ट-प्रवीन ठाकरे)

Advertisement
Advertisement