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भुजबल केस में सामने आया गवाह, कहा- चमड़े के बैग में करोड़ों रुपये ले जाते हुए देखा

एमईटी के पूर्व कर्मचारी अमित बिराज ने खुलासा किया है कि छगन भुजबल के लोगों को ऑफिस की नौवीं मंजिल से भारतीय करेंसी से भरे चमड़े के कई बैग को ले जाते हुए उसने देखा है.

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छगन भुजबल की मुश्किलें और बढ़ीं
छगन भुजबल की मुश्किलें और बढ़ीं

भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार छगन भुजबल की मुश्किलें और बढ़ गई है. मुंबई एजुकेशनल ट्रस्ट से उनके बड़ी रकम ले जाने का गवाह सामने आया है. एमईटी के पूर्व कर्मचारी अमित बिराज ने खुलासा किया है कि ऑफिस की नौवीं मंजिल से भारतीय करेंसी से भरे चमड़े के कई बैग को ले जाते हुए उसने देखा है.

एमईटी के कैश रूम में गिनी गई थी रकम
बिराज ने बताया कि ऑफिस के कैश रूम में लगे नगद गिनने की मशीन से रुपये गिने गए थे. उसने बताया कि ज्यादातर रकम एक सौ के नौट में थे और हर बैग में करीब एक करोड़ रुपये होने का अनुमान है. एमईटी में के बारे में पूछे जाने पर छगन भुजबल ने इनकार किया है. इस बारे में उनसे अधिक पूछताछ की जरूरत बताई जा रही है.

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भुजबल पर लगे कई आपराधिक मामले
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, महाराष्ट्र की ओर से दाखिल किए चार्जशीट के मुताबिक मंत्री पर सत्ता का दुरुपयोग कर आपराधिक कारनामों का आरोप है. को मुख्य आरोपी बनाकर इस मामले में कार्रवाई की जा रही है. इसमें कहा गया है कि भुजबल ने कई आपराधिक कारनामे किए हैं. उन्होंने साजिशन गलतबयानी और धोखाधड़ी की है.

भुजबल की कागजी कंपनियों में थे डमी निदेशक
आरोप के मुताबिक भजबल के परिवार वालों में समीर और पंकज ने कुछ कंपनियों के नाम से मनी लॉन्ड्रिंग की है. सारी कंपनियां छगन भुजबल की है और इनमें एमईटी के कर्मचारियों को फर्जी तौर पर निदेशक बनाया गया था. कंपनियों के नाम से बड़ी रकम की हेराफेरी की गई थी. कुछ कंपनियों के कागजात मिले हैं, लेकिन वह अस्तित्व में ही नहीं है.

पीएमएलए की कठोर धाराएं लगी
जांच में मदद के सवाल सामने आया है कि छगन भुजबल ईडी की पूछताछ के दौरान लगातार चुप्पी साधे हुए रहे. इकट्ठा सबूतों और की मिली जानकारी को देखते हुए उनके खिलाफ पीएमएलए की धारा 4 के तहत भी मामला बनता है. इसके अलावा भी कई सबूत हाथ लगे हैं जो छगन भुजबल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी मानते हैं.

बिल्डर के जरिए परिजनों को पहुंचाया फायदा
एक बड़े बिल्डर और के एस चमनकार इंटरप्राइजेज के पार्टनर को बड़े पैमाने पर फंड ट्रांसफर करने का मामला सामने आया है. महाराष्ट्र सदन और आरटीओ प्रोजेक्ट में उनकी ओर से भुजबल परिवार को बड़ी रकम पहुंचाई गई है.

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सत्ता का दुरुपयोग कर भुजबल ने बनाई बड़ी रकम
छगन भुजबल महाराष्ट्र सरकार में उप मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री रहते हुए चमनकार इंटरप्राइजेज को कई कामों से नवाजा था. इतनी बड़ी की वजह भुजबल का सत्ता में बड़े पद पर होना था.

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