भोपाल गैस त्रासदी के एक्टिविस्ट अब्दुल जब्बार का गुरुवार देर रात निधन हो गया. अब्दुल जब्बार ने गैस त्रासदी के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी थी. इस त्रासदी में अब्दुल जब्बार ने अपने माता-पिता को खो दिया था. साथ ही उनके फेफड़ों और आंखों पर भी गंभीर असर हुआ था. उन्हें एक आंख से बेहद कम दिखाई देता था.
1984 Bhopal Gas tragedy activist Abdul Jabbar passed away in Bhopal last night. (file pic)
— ANI (@ANI)
अब्दुल जब्बार कई दिनों से बीमार चल रहे थे. निधन से एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश सरकार ने उनके इलाज का खर्च उठाने का ऐलान किया था. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट कर अब्दुल जब्बार के इलाज का खर्च उठाने की बता कही थी.
भोपाल गैस त्रासदी के बाद हज़ारों पीड़ितों के हितो के लिये सतत संघर्ष करने वाले अब्दुल जब्बार भाई का हाल ही में बीमार होने पर चल रहे इलाज का सारा ख़र्च सरकार ने वहन किया,और आगे भी सरकार उनके इलाज का पूरा ख़र्च वहन करेगी,उनके साथी चिंतित ना हो।
वे शीघ्र स्वस्थ हो,ऐसी ईश्वर से कामना
— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath)
गौरतलब है कि भोपाल गैस त्रासदी सबसे भयावह और दर्दनाक ओद्योगिक त्रासदी में से एक है. त्रासदी के पीड़ितों के लिए ये एक ऐसा जख्म है जो आज भी लोगों के जेहन में ताजा है. 2 दिसंबर 1984 की रात को भोपाल में यूनियन कार्बाइड की फैक्टरी से निकली 30 टन से अत्यधिक जहरीले गैस मिथाइल आइसोसाइनेट ने हजारों लोगों की जान ले ली थीं.