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टाटा नगर में लोको पायलट की हत्या, बदमाशों ने क्रू लॉबी के पास मारी गोली... रेलवे कर्मचारियों में आक्रोश

टाटानगर-चक्रधरपुर रेल मंडल के लोको पायलट जीके गौतम की बागबेड़ा क्षेत्र में देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई. पायलट पर ड्यूटी के बाद घर लौटते समय बदमाशों ने घात लगाकर हमला किया. जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. घटना से रेलवे कर्मचारियों आक्रोश है.

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लोको पायलट की हत्या से दहशत में लोग. (Photo: Screengrab)
लोको पायलट की हत्या से दहशत में लोग. (Photo: Screengrab)

झारखंड के टाटानगर-चक्रधरपुर रेल मंडल के लोको पायलट की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान लोको पायलट जीके गौतम के रूप में हुई है. घटना देर रात करीब साढ़े 12 बजे की बताई जा रही है. घटना बागबेड़ा थाना क्षेत्र की है. इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

घटना से मचा हड़कंप, बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस
जानकारी के मुताबिक लोको पायलट जीके गौतम अपनी ड्यूटी पूरी कर साइन ऑफ करने के बाद लॉबी से निकलकर घर लौट रहे थे. इसी दौरान लॉबी से महज 20 मीटर की दूरी पर पहले से घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. गोली लगते ही जीके गौतम जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

सूचना मिलते ही सिटी एसपी ललित मीणा मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी. घटनास्थल से पुलिस को एक खोखा भी बरामद हुआ है. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है. मिली जानकारी के अनुसार मृतक लोको पायलट जीके गौतम आदित्यपुर का निवासी था. इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे चक्रधरपुर रेल मंडल में हड़कंप मच गया है. घटना से लोको पायलटों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है.

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सवाल पायलट लॉबी तक कैसे पहुंचे बदमाश?
सभी रेलकर्मी अपनी सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं और रेलवे प्रशासन से ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस लॉबी में पायलट अपनी ड्यूटी का लेखा-जोखा पूरा करते हैं, वहां तक हथियारबंद अपराधी कैसे पहुंच गए. यह घटना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है. आरपीएफ और रेलवे की खुफिया व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं.

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और अपराधियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है. वहीं, रेल मंडल के अधिकारियों के लिए यह घटना एक बड़ी चुनौती बन गई है. क्योंकि अब उनके अपने कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे हैं. 

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