scorecardresearch
 

'कलावा उतारो... अल्लाह हू अकबर बोलो', स्कूल में मचा हंगामा, जानें क्या है मामला

गढ़वा जिले के रमकंडा स्थित एक सरकारी स्कूल में अरबी पढ़ाने वाले शिक्षक पर छात्रों के हाथ से कलावा और गले से धार्मिक लॉकेट उतरवाने समेत कई गंभीर आरोप लगे हैं. बच्चों के परिजनों ने स्कूल में हंगामा किया. मामले की सूचना मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच समिति गठित कर टीम को मौके पर भेज दिया है.

Advertisement
X
शिक्षा विभाग ने गठित की जांच समिति. (Photo: Screengrab)
शिक्षा विभाग ने गठित की जांच समिति. (Photo: Screengrab)

झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय रमकंडा में एक शिक्षक पर लगे आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया है. अरबी पढ़ाने वाले शिक्षक अमिदुल्ला अंसारी पर छात्रों और उनके परिजनों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप है कि शिक्षक ने छात्र-छात्राओं के हाथ में बंधे धार्मिक कलावा और गले में पहने धार्मिक लॉकेट उतरवा दिए. घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया.

ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार, बुधवार को पढ़ाई के दौरान शिक्षक ने कुछ छात्रों के हाथ में बंधे कलावा और गले में पहने धार्मिक लॉकेट उतरवा दिए. आरोप है कि जब कुछ विद्यार्थियों ने इसका विरोध किया तो उन्हें डांट-फटकार भी लगाई गई. स्कूल से घर पहुंचने के बाद बच्चों ने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई, जिसके बाद मामला तेजी से फैल गया.

अभिभावकों ने आरोप लगाया कि संबंधित शिक्षक बच्चों पर धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों को लेकर दबाव बनाते हैं. उनका कहना है कि शिक्षक बच्चों से अल्लाह हू अकबर बुलवाते हैं. यह भी आरोप लगाया गया कि शिक्षक बच्चों की बनियान की जांच करते हैं. कुछ अभिभावकों ने यह भी शिकायत की कि बच्चों पर गाय का गोबर खाने का दबाव बनाया गया और कुछ छात्रों के साथ मारपीट भी की गई. साथ ही धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर अपमानजनक टिप्पणी करने के भी आरोप लगाए गए हैं.

Advertisement

बच्चों ने घर पहुंचकर परिजनों को बताई पूरी बात

मामले की जानकारी मिलते ही स्कूल परिसर में बड़ी संख्या में अभिभावक पहुंच गए और आरोपी शिक्षक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. स्थिति को देखते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक हर्ष ज्योति शुक्ला ने इसकी सूचना जिला स्तर के अधिकारियों को दी. सूचना मिलने के बाद जिला शिक्षा अधीक्षक ने मामले का संज्ञान लिया और तत्काल जांच समिति का गठन किया. जांच के लिए एडीपीओ के नेतृत्व में एक टीम को रमकंडा भेजा गया. शिक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुट गई है. जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है. 

मारपीट और धार्मिक टिप्पणी करने की भी शिकायत

जांच के लिए एडीपीओ और क्षेत्र शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को विद्यालय भेजा गया है. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल इस मामले में संबंधित शिक्षक का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है. शिक्षा विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. इसलिए मामले की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement