scorecardresearch
 

जमशेदपुर में करणी सेना के नेता की हत्या पर बवाल, पूर्वी सिंहभूम के SSP और सराइकेला SP हटाए गए

जमशेदपुर में करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की हत्या के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के पुलिस प्रमुखों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है.

Advertisement
X
जमशेदपुर हत्याकांड को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कई सवाल उठाए हैं. (Photo: ITG)
जमशेदपुर हत्याकांड को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कई सवाल उठाए हैं. (Photo: ITG)

झारखंड के जमशेदपुर में करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की पुलिस की मौजूदगी में हुई हत्या के बाद राज्य सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और अपराध रोकने में लापरवाही का हवाला देते हुए पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी और सरायकेला-खरसावां के एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध करने का आदेश दिया है.

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी दी है. उन्होंने लिखा कि पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक एवं सराइकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक को विधि-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में लापरवाही के कारण तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध करने का निर्णय मैंने लिया है.

हेमंत सोरेन ने कहा, "चाईबासा के आयुक्त एवं रांची के ADG को क्षेत्र में लगातार कैंप कर स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही, DIG जमशेदपुर में रहकर कानून-व्यवस्था की निगरानी करेंगे. जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या जवाबदेही से बचने की अनुमति नहीं दी जाएगी."

क्या है पूरा मामला?
 
दरअसल, जमशेदपुर में पुलिस की मौजूदगी में करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद जमशेदपुर में भारी बवाल हुआ और पुलिस पर पथराव भी किया गया.  इस मुद्दे पर राज्य में विपक्ष मुखर है और लोगों में आक्रोश है.  इस घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. पिछले साल करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष विनय सिंह की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. लगातार ऐसी घटनाओं से प्रदेश की विधि-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे थे. 

Advertisement

जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित बार के बाहर हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर सियासत भी शुरू हो गई थी. पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के साथ-साथ पूरा विपक्ष कानून-व्यवस्था की लचर स्थिति पर सवाल उठा रहा था और राज्य सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा था. इससे पहले, बिष्टुपुर थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया था. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सख्त कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. 

यह भी पढ़ें: जमशेदपुर में फिर मिला सेकंड वर्ल्ड वार का बम, पहुंची आर्मी तो ऐसा कराया ब्लास्ट

नेता प्रतिपक्ष ने उठाया सवाल

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी विधायक बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "पिछले साल करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष विनय सिंह की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. लगातार ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम नागरिक स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. पुलिस से अपेक्षा होती है कि वह कानून का निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से पालन कराए तथा संकट की घड़ी में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. अगर पुलिस की मौजूदगी में ही ऐसी घटना घटती है, तो इसकी निष्पक्ष और गहन जांच होना अत्यंत आवश्यक है."

Advertisement

उन्होंने आगे सीएम हेमंत सोरेन को टैग करते हुए लिखा, "आपसे आग्रह है कि इस जघन्य हत्या की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए. साथ ही, घटना के वक्त मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका, उनकी प्रतिक्रिया तथा संभावित लापरवाही की भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे जनता का कानून पर विश्वास बना रहे."

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement