गुरुग्राम के धनवापुर इलाके में पानी की सप्लाई के वर्चस्व को लेकर एक बार फिर गैंगस्टर नेटवर्क की सक्रियता सामने आई है. पानी की सप्लाई और इलाके में दबदबा कायम करने को लेकर हुई गुंडागर्दी के मामले में राजेंद्र पार्क थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर कौशल चौधरी के गैंग से जुड़े 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ियां भी जब्त की हैं. पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की.
पुलिस के अनुसार, धनवापुर इलाके में अचानक 10 से 12 काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ियां पहुंचीं. गाड़ियों से करीब 50 से 60 नकाबपोश युवक उतरे और सीधे उस जगह पहुंचे जहां पानी की सप्लाई से जुड़ा काम चल रहा था. वहां मौजूद ठेकेदार और उसके कर्मचारियों को घेर लिया गया. आरोप है कि बदमाशों ने ठेकेदार के मैनेजर की कनपटी पर पिस्तौल तान दी और साफ शब्दों में धमकी दी कि उनकी मर्जी के बिना इलाके में कोई काम नहीं होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर काम जारी रखा गया तो जान से मार दिया जाएगा. धमकी देने के बाद सभी आरोपी स्कॉर्पियो गाड़ियों में बैठकर मौके से फरार हो गए.
पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई. फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह गाड़ियों का काफिला मौके पर पहुंचा और बड़ी संख्या में युवक उतरकर ठेकेदार को धमका रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया. घटना की सूचना मिलते ही राजेंद्र पार्क थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी. पुलिस ने नाकेबंदी कर कई स्थानों पर दबिश दी. कार्रवाई के दौरान पांच काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ियों को कब्जे में लिया गया और वारदात में शामिल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
कनपटी पर पिस्तौल रखकर दी थी जान से मारने की धमकी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवीन उर्फ भोला, देवेंद्र उर्फ सुक्खू, प्रवीण उर्फ मोनू उर्फ चौबे, अजय, मुंडी उर्फ योगिंदर, अनिल, मोहित और सचेत उर्फ मोटा के रूप में हुई है. मामले की जानकारी देते हुए एसीपी अभिलक्ष ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपियों का संबंध कुख्यात गैंगस्टर कौशल चौधरी के गैंग से सामने आया है. पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ठेकेदार को रंगदारी और धमकी देने की साजिश किसके इशारे पर रची गई. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे जेल में बंद किसी गैंगस्टर या विदेश में बैठे किसी गैंग सदस्य की भूमिका तो नहीं है. गुरुग्राम में पानी के टैंकर और सप्लाई के कारोबार को लेकर पहले भी कई बार गैंगवार और वर्चस्व की लड़ाई सामने आ चुकी है. इसी कारण इस मामले को भी गंभीरता से लिया जा रहा है. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है.
8 आरोपी गिरफ्तार फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
एसीपी अभिलक्ष ने कहा कि शहर में किसी भी शख्स को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी. जो भी आरोपी इस मामले में शामिल हैं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है. सीसीटीवी फुटेज, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है.