हरियाणा के फरीदाबाद के सेक्टर 84 में सीवर की सफाई के दौरान दम घुटने से दो सफाई कर्मियों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों की पहचान खेड़ी कला गांव निवासी राजेंद्र और सुनील के रूप में हुई है. दोनों की उम्र करीब 45 से 50 वर्ष के बीच बताई जा रही है. घटना के बाद परिवारों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक का माहौल है.
बताया गया है कि दोनों सफाई कर्मचारी बीपीटीपी कंपनी में काम करते थे. हादसा पुरी प्राणायाम सोसाइटी के सामने शनिवार शाम करीब 6 बजे हुआ, जब दोनों मैनहोल में उतरकर सीवर की सफाई करने गए थे. लेकिन वे जिंदा बाहर नहीं आ सके. देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने तलाश शुरू कर दी.
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रविवार सुबह जब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो मैनहोल के पास उनकी साइकिल और मोटरसाइकिल खड़ी मिली. यह देखकर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई. जब उन्होंने मैनहोल के अंदर झांका तो दोनों कर्मी बेसुध हालत में पड़े दिखाई दिए. तुरंत पुलिस को सूचना दी गई.
मौके पर पहुंची पुलिस और पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को सीवर से बाहर निकलवाया. इसके बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
मृतकों के परिवारों ने बीपीटीपी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि दोनों कर्मचारी कंपनी की तरफ से सफाई करने गए थे, लेकिन जब वे देर रात तक घर नहीं लौटे तो कंपनी प्रबंधन ने उनकी तलाश तक नहीं की.
परिजनों का आरोप है कि जब वे कंपनी से पूछने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि दोनों कर्मचारी शाम को हाजिरी पंच करके घर चले गए थे. परिजनों ने इसे सफेद झूठ बताते हुए सवाल उठाया कि जब दोनों वापस आए ही नहीं तो पंचिंग कैसे हो गई.
जहरीली गैस से मौत की आशंका, जांच जारी
मामले के जांच अधिकारी धर्मेंद्र ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को बाहर निकलवाया गया, लेकिन जांच के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि सीवर के अंदर जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दोनों की मौत हुई है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.