प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्शन लेते हुए ईडी ने उनका एक घर, कृषि भूमि और कई बैंक डिपॉजिट को कुर्क किया है. इन सभी संपत्तियों की कीमत 39 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है.
सूत्रों की मानें तो ईडी ने 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत जवाद अहमद की संपत्तियों को फ्रीज करने के लिए एक अंतरिम कुर्की आदेश जारी किया है. इसके तहत ईडी ने जवाद अहमद की कुल 39.45 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है.
जब्त की गई संपत्तियों में दिल्ली के जामिया नगर का एक मकान और फरीदाबाद के धौज इलाके की कृषि भूमि शामिल है. इसके अलावा, बैंक खातों में जमा राशि और फिक्स्ड डिपॉजिट पर भी रोक लगा दी गई है.
बता दें कि जवाद अहमद सिद्दीकी फिलहाल जेल में हैं. उनपर आरोप है कि उन्होंने अपने शिक्षण संस्थानों की मान्यता और पहचान के बारे में गलत जानकारी देकर छात्रों को धोखा दिया है. सिद्दीकी को पिछले साल ईडी ने गिरफ्तार किया था. इससे पहले ईडी ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की करीब 140 करोड़ रुपये की जमीन और इमारत कुर्क की थी.
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क्या है पूरा मामला?
10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए विस्फोट की जांच के दौरान हरियाणा का फरीदाबाद स्थित 'अल फलाह यूनिवर्सिटी' घेरे में आया था. इस धमाके की जांच के दौरान यूनिवर्सिटी से जुड़े संदिग्ध लिंक सामने आए थे, जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग और फंडिंग की जांच तेज कर दी गई.