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दादा की उंगली पकड़कर जा रहा था 5 साल का जियान, तभी उठा ले गई शेरनी, उल्टी में मिले बच्चे के अवशेष

गुजरात के अमरेली जिले के चतूरी गांव में 5 साल के जियान को शेरनी उसके दादा की आंखों के सामने उठाकर ले गई. कुछ देर बाद बच्चे का शव मिला. वन विभाग ने नौ घंटे तक अभियान चलाकर पांच शेरों को पकड़ा. एक नर शेर की उल्टी में बच्चे के अवशेष मिलने से घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है.

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नौ घंटे तक चला शेरों को पकड़ने का अभियान. (Photo: ITG)
नौ घंटे तक चला शेरों को पकड़ने का अभियान. (Photo: ITG)

रात के समय पांच साल का जियान अपने दादा की उंगली पकड़कर घर से निकला था. उसे क्या पता था कि यह कुछ कदमों का सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा. अमरेली जिले के खांभा तालुका के चतूरी गांव में हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है. जियान अपने दादा के साथ दूध देने जा रहा था. गांव के आसपास अंधेरा था और सब कुछ सामान्य लग रहा था. तभी अचानक अंधेरे से एक शेरनी निकली और उसने मासूम बच्चे पर हमला कर दिया.

दादा कुछ समझ पाते उससे पहले शेरनी बच्चे को उनके सामने से खींचकर जंगल की ओर भाग गई. दादा की चीखें सुनकर आसपास के लोग बाहर निकल आए. गांव में अफरा-तफरी मच गई. बच्चे की आवाज और परिवार की पुकार सुनकर ग्रामीण लाठियां लेकर जंगल की तरफ दौड़ पड़े. गांव के लोगों ने तुरंत खोज अभियान शुरू कर दिया. मृतक के मामा के अनुसार, वन विभाग के पहुंचने से पहले गांव के दो-तीन युवकों ने शेरनी का पीछा किया और लाठियों की मदद से बच्चे को बचाने की कोशिश भी की. लेकिन उनकी कोशिश सफल नहीं हो सकी.

कुछ समय बाद गांव से करीब एक किलोमीटर दूर जियान का शव मिला. शव खून से लथपथ था. जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, पूरे घर में मातम छा गया. गांव में भी शोक की लहर फैल गई. घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. धारी गिर पूर्व के DCF, ACF और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए खांभा अस्पताल भेजा गया.

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मासूम को बचाने के लिए जंगल में दौड़े ग्रामीण

ACF कपिल भाटिया ने बताया कि यह घटना तुलसीश्याम रेंज के अंतर्गत आने वाले चतूरी राजस्व क्षेत्र में हुई है. घटना के बाद संबंधित जंगली जानवर को पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया गया. वन विभाग की टीमों ने पूरी रात और अगले दिन सुबह तक अभियान चलाया. अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल के आसपास दो जंगली जानवर मौजूद थे। इनमें से एक शेरनी को ट्रैंकुलाइज कर पिंजरे में बंद कर दिया गया.

वन विभाग की कई टीमों ने इलाके में सर्च अभियान चलाया. लंबे ऑपरेशन के बाद कुल पांच शेरों को पकड़कर पिंजरों में बंद किया गया. पकड़े गए शेरों की जांच भी शुरू की गई ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना में कौन-सा जानवर शामिल था. वन विभाग के अनुसार, पकड़े गए एक नर शेर की उल्टी में बच्चे के अवशेष मिले हैं. इन अवशेषों को जांच के लिए भेजा गया है. अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए अन्य शेरों के भी सैंपल लिए जाएंगे और उन्हें भी परीक्षण के लिए भेजा जाएगा.

इस घटना के बाद गांव में डर और गुस्से का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है. पिछले एक महीने में शेरों के हमले की यह तीसरी घटना है. लोगों का आरोप है कि जंगली जानवर अक्सर गांव के आसपास घूमते हैं और ग्रामीण लगातार खतरे के बीच जी रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछली रात भी शेरों की गतिविधियों के कारण गांव के लोग पूरी रात नहीं सो पाए थे. इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका.

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ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से सुरक्षा की मांग की है. उनका कहना है कि गांव में स्थायी फॉरेस्ट गार्ड की तैनाती होनी चाहिए. साथ ही वन विभाग का स्थायी कार्यालय भी बनाया जाना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई हो सके. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

नौ घंटे तक चला शेरों को पकड़ने का अभियान

घटना के बाद वन विभाग ने भी लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. विभाग का कहना है कि जंगली जानवर आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं, इसलिए शाम या अंधेरे में अकेले बाहर नहीं निकलना चाहिए. बाहर जाते समय हमेशा एक-दो लोगों को साथ रखें और सुरक्षा के लिए टॉर्च तथा लाठी जैसी चीजें साथ रखें. लेकिन इन सलाहों के बीच चतूरी गांव का एक परिवार अपने पांच साल के बच्चे को खोने के दर्द से गुजर रहा है. दादा की उंगली पकड़कर निकला जियान अब कभी घर नहीं लौटेगा. उसकी मौत ने एक बार फिर इंसान और जंगल के बीच बढ़ते संघर्ष पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
 

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