गुजरात के जामनगर में 26 महीने पुराने मर्डर केस की जांच में पुलिस ने कई खुलासे किए हैं. पुलिस का कहना है कि हत्या की पूरी साजिश पहले से रची गई थी. आरोप है कि मृतक जिग्नेश को बिजनेस शुरू करने का सपना दिखाकर फैक्ट्री बुलाया गया और वहीं उसकी हत्या कर दी गई.
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी पत्नी ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड निलेश के जरिए जिग्नेश को नए बिजनेस में साझेदारी का लालच दिलवाया. प्लानिंग के तहत जामनगर के दरेड इलाके में एक फैक्ट्री किराए पर ली गई. आरोप है कि इसी फैक्ट्री को वारदात की जगह बनाने की तैयारी पहले से कर ली गई थी.
जांच में सामने आया है कि हत्या से तीन दिन पहले ही फैक्ट्री परिसर में करीब 13 फीट गहरा गड्ढा खुदवाया गया था. पुलिस का दावा है कि यह गड्ढा शव को छिपाने के मकसद से पहले ही खोदा गया था. यानी हत्या की पूरी प्लानिंग पहले से थी.
31 मई की रात जिग्नेश को शराब पार्टी के बहाने फैक्ट्री बुलाया गया. आरोप है कि वहां उसे सायनाइड मिलाकर शराब पिलाई गई, जिससे उसकी मौत हो गई. इसके बाद आरोपियों ने शव को पहले से तैयार गड्ढे में दफना दिया और फैक्ट्री खाली कर दी, ताकि घटना के सभी सबूत मिटाए जा सकें.
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पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद करीब दो वर्षों तक मृतक के परिजनों को उसकी पत्नी ने गुमराह किया. परिजनों को लगातार यही बताया जाता रहा कि जिग्नेश ऑस्ट्रेलिया में है और वहीं काम कर रहा है. जब परिवार को इस कहानी पर शक हुआ और उन्होंने पुलिस से दोबारा जांच की मांग की, तब मामले ने नया मोड़ ले लिया.
पुलिस ने दरेड क्षेत्र में संदिग्ध जगह पर खुदाई कराई. खुदाई के दौरान मानव कंकाल के अवशेष मिले. इसके बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई. पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके पूर्व प्रेमी और उसके एक मित्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हुआ.
फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या में इस्तेमाल किया गया कथित सायनाइड कहां से लाया गया था. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में तीन आरोपियों के अलावा कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं.
जामनगर के डीवाईएसपी पीयूष वांदा ने बताया कि मामले की जांच जारी है. पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद पूरे दो साल तक एक झूठी कहानी के सहारे सच्चाई को छिपाए रखा गया.