मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की नई सरकारों द्वारा किसानों की कर्ज माफी का असर देश की बीजेपी शासित सरकारों पर दिख रहा है. अब बीजेपी शासित राज्य भी किसानों के हक में कर्ज माफी और बिल माफी की घोषणा कर रहे हैं. इसी सिलसिले में गुजरात सरकार ने किसानों के 650 करोड़ रुपये का बिजली बिल माफ कर दिया है.
सवा 6 लाख किसानों को फायदा
गुजरात सरकार के इस फैसले का फायदा 6.22 लाख किसानों और गरीबों को मिलेगा. के उर्जा मंत्री सौरभ पटेल ने इस राहत की घोषणा करते हुए कहा कि आईपीसी की धारा 124 और 135 के तहत बिजली चोरी या फिर बिजली का बिल ना भरने की वजह से जिनकी बिजली लाइनें काटी गई थीं, 500 रुपये की फीस में उनके कनेक्शन फिर से जोड़ दिए जाएंगे. इसका फायदा खेती और कमर्शियल गतिविधियों के लिए बिजली का इस्तेमाल करने वाले लोगों को मिलेगा.
उपचुनाव से पहले घोषणा
बता दें कि बीजेपी सरकार ने ये घोषणा जशदन उपचुनाव के लिए वोट डाले जाने से पहले की. गुजरात में 20 तारीख को जशदन उपचुनाव के लिए वोट डाले जाने हैं. बीजेपी के इस फैसले पर ने गुजरात सरकार पर दोगली राजनीति करने का आरोप लगया है. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी का कहना है कि मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अगर किसान का कर्ज माफ कर सकती है तो गुजरात की विजय रुपानी सरकार ये कदम क्यों नहीं उठाती है. कांग्रेस नेता ने कहा कि ये सरकार की दोगली नीति है कि वे किसानों का कर्ज माफ करने के बजाय बिजली का बिल माफ कर रहे हैं.
असम में भी कर्जमाफी की सौगात
बता दें कि एमपी छत्तीसगढ़ में किसानों की कर्जमाफी के बाद में भी किसानों के लिए कर्जमाफी की घोषणा की गई है. हालांकि यहां पर किसानों को अधिकतम 25 हजार रुपये तक ही कर्जमाफी मिलेगी.असम की सर्बानंद सोनोवाल सरकार किसानों का लोन माफ करने पर 600 करोड़ रुपये खर्च करेगी. बीजेपी सरकार के इस फैसले से आठ लाख किसानों को फायदा होगा.