गुजरात एटीएस और भारतीय कोस्ट गार्ड ने कच्छ के समुद्री इलाके में संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 100 किलो से ज्यादा कोकीन बरामद की है. जब्त ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है. एजेंसियों ने एक यूरोपियन जहाज पर छापा मारकर यह कार्रवाई की. शुरुआती जांच में पता चला है कि जहाज पाकिस्तान के पोर्ट कासिम से आया था. ऑपरेशन के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. उससे पूछताछ कर ड्रग्स तस्करी नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है. मामले की जांच जारी है.
दरअसल समुद्री नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता में भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने एटीएस गुजरात के समन्वय से 25-26 मई 2026 की रात मुंद्रा तट के पास एक संयुक्त अभियान चलाया. खुफिया जानकारी पर आधारित तस्करी विरोधी अभियान के दौरान लगभग 115 किलोग्राम कोकीन जब्त की. एटीएस कर्मियों के साथ आईसीजी इंटरसेप्टर नौकाओं ने मुंद्रा लंगर क्षेत्र में एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया.
बरामद पैकेट में मिला कोकीन
अभियान के दौरान मुंद्रा से लगभग पांच समुद्री मील दूर लंगर डाले हुए एक कंटेनर पोत, एमवी यूरोप पर संदिग्ध गतिविधि देखी गई. जिसमें कुछ बैग समुद्र में फेंके जाते हुए देखे गए. इस पर कार्रवाई करते हुए आईसीजी और एटीएस की संयुक्त टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची व रात के दौरान बेहद कम दृश्यता की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में समुद्र से पांच बैग सफलतापूर्वक बरामद किए.
जांच करने पर बैग में सफेद पाउडर पदार्थ के पैकेट पाए गए. जिनकी जांच में कोकीन की पुष्टि हुई. इस अभियान के दौरान लगभग एक किलोग्राम वजन के कुल 115 पैकेट जब्त किए गए. जिनमें से प्रत्येक का कुल वजन लगभग 115 किलोग्राम था. खुले स्रोतों से प्राप्त आकलन के अनुसार जब्त किए गए नशीले पदार्थों का अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग ₹1150 करोड़ है.
तस्करी के खिलाफ पिछले 5 वर्षों से चलाया जा रहा है अभियान
आगे की जांच के लिए पोत को बंदरगाह पर लाया गया है. आईसीजी, एटीएस गुजरात और अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा संयुक्त जांच जारी है. यह सफल अभियान एक बार फिर आईसीजी और एटीएस गुजरात के बीच मजबूत तालमेल व परिचालन समन्वय को दर्शाता है. गौरतलब है कि पिछले पांच वर्षों में एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया यह पंद्रहवां सफल नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान है.
यह अभियान समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और "नशा मुक्त भारत" के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को प्राप्त करने के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है.