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गुजरात विधानसभा में जीएसटी बिल पास

मंगलवार को एक दिन के लिए गुजरात विधानसभा का खास सत्र जीएसटी बिल के लिए बुलाया गया था. बिल को डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने विधानसभा में प्रस्तुत किया और विपक्ष के समर्थन के साथ बिल को पास कर दिया गया.

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जीएसटी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जीएसटी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मंगलवार को एक दिन के लिए गुजरात विधानसभा का खास सत्र जीएसटी बिल के लिए बुलाया गया था. बिल को डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने विधानसभा में प्रस्तुत किया और विपक्ष के समर्थन के साथ बिल को पास कर दिया गया.

विधानसभा में रखा गया जीएसटी बिल 223 पन्नों का है. जो कि गुजरात विधानसभा के इतिहास में दूसरा सबसे लंबा बिल है. इससे पहले 1993 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चीमनभाई पटेल ने सबसे लंबा बिल (392 पेज का) गुजरात पंचायत अधिनियम का पेश किया था.

दिलचस्प बात तो ये है कि जिस वक्त इतना महत्वपूर्ण विधानसभा में पेश किया गया गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल विधानसभा में मौजूद नहीं थीं. जिसे काफी सूचक माना जा रहा है.

जीएसटी बिल को लेकर विधानसभा में विपक्ष के नेता शंकर सिंह वाघेला का कहना है कि मनमोहन सिंह की सरकार ने इस बिल को राज्यसभा में पेश किया था. जीएसटी को ने राष्ट्रहित का बिल बताया था. जबकि कांग्रेस के नेता शक्ति सिंह गोहिल का कहना है कि इस बिल से राज्य सरकार को 8 हजार करोड़ का सालाना नुकसान होगा. जिसमें जीवन के लिए जरूरी चीजें मसलन साबुन, टूथ पेस्ट, मोबाईल जैसी चीजें महंगी होगीं.

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गौरतलब है कि लाने के लिए GST बिल संसद में पेश हो चुका है. अब राज्य सरकार के जरिए इस बिल को विधानसभा में पेश कर एक औपचारिक कार्यवाही को पूरा किया गया है.

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