अहमदाबाद से इबोला वायरस को लेकर राहत की खबर सामने आई है. अफ्रीकी देश कांगो से भारत आए 37 साल के कारोबारी अमूरी लोकुला की इबोला जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है. संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद उन्हें अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से इस मामले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी.
कांगो से भारत लौटे अमूरी लोकुला करीब 11 दिन पहले सबसे पहले मुंबई पहुंचे थे. इसके बाद वह अपने काम के सिलसिले में सिलवासा और दमन भी गए, लेकिन कुछ ही दिनों बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. जब उन्हें तेज बुखार के साथ सर्दी-खांसी की शिकायत हुई, तब वडोदरा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां डॉक्टरों को जैसे ही अमूरी की अफ्रीकी ट्रैवल हिस्ट्री का पता चला, तो वे तुरंत अलर्ट हो गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए फिर उन्हें बिना वक्त गंवाए अहमदाबाद सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां आइसोलेशन वार्ड में रखकर उनकी इबोला जांच हुई और अब अच्छी बात यह है कि उनकी रिपोर्ट पूरी तरह नेगेटिव आई है.
संपर्क में आए तीन लोग क्वारंटाइन
बता दें कि इस मामले में कारोबारी के संपर्क में आए तीन लोगों को भी प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अलग वार्ड में क्वारंटाइन किया है. इनमें उनके साथ यात्रा करने वाले दो लोग भी शामिल हैं. फिलहाल राहत की बात यह है कि इनमें किसी तरह का कोई लक्षण नहीं मिला है, लेकिन सावधानी के तहत सभी को निगरानी में रखा गया है. गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंसेरिया ने बताया कि मुख्य मरीज की हालत स्थिर है और उसका तापमान भी नियंत्रण में है. स्वास्थ्य विभाग शुरुआत से पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है.
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग की चिंता इसलिए बढ़ गई थी, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में कांगो, युगांडा में फैल रहे इबोला को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है. यह एक बेहद खतरनाक बीमारी है, जो इंसानों से जानवरों में तेजी से फैलती है. इससे पहले कर्नाटक के बेंगलुरु में भी युगांडा से आई एक महिला में ऐसे लक्षण दिखे थे, हालांकि उनकी रिपोर्ट भी बाद में नेगेटिव आई थी. अहमदाबाद की इस रिपोर्ट ने अब साफ कर दिया है कि देश में पैनिक होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है.