बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों गुजरात के राजकोट में आयोजित तीन दिवसीय हनुमंत कथा और दिव्य दरबार कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं. 5, 6 और 7 जून तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कई सामाजिक और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार रखे. उनके बयानों ने एक बार फिर चर्चा का माहौल बना दिया है.
'मैं राजयोगी नहीं, धर्म वक्ता हूं'
मीडिया से बातचीत के दौरान धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि वह कोई राजयोगी नहीं हैं, बल्कि धर्म वक्ता हैं. उन्होंने कहा कि देश में किसी भी प्रकार की अशांति नहीं फैलनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी राजनीतिक पार्टी नई हो या पुरानी, उसमें अहिंसा होनी चाहिए और हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए.
सूर्या हत्याकांड का जिक्र, 'फ्रेंडशिप जिहाद' का दावा
बातचीत के दौरान धीरेन्द्र शास्त्री ने उत्तर प्रदेश के सूर्या हत्याकांड का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि देश में लैंड जिहाद और लव जिहाद के बाद अब फ्रेंडशिप जिहाद शुरू हो गया है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सूर्या नाम के एक युवक के साथ दोस्ती के नाम पर धोखा हुआ और उसकी हत्या कर दी गई. इसी संदर्भ में उन्होंने फ्रेंडशिप जिहाद शब्द का इस्तेमाल किया. उनके इस बयान के बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है. बता दें, दिल्ली से सटे खोड़ा में बकरीद के दिन सूर्या की हत्या कर दी गई थी
दक्षिण गुजरात में धर्मांतरण पर जताई चिंता
धीरेन्द्र शास्त्री ने दक्षिण गुजरात में कथित धर्मांतरण के मामलों पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण हो रहा है और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति सजग रहना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं दक्षिण गुजरात में इस विषय को लेकर घर वापसी कार्यक्रम चलाएंगे और लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का प्रयास करेंगे.
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AI के साथ HI की भी जरूरत
तकनीक और समाज के विषय पर बोलते हुए धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बात कर रही है, लेकिन भारत को AI के साथ HI यानी हिंदू इंटेलिजेंस की भी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि समाज को केवल तकनीकी रूप से नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी मजबूत होना चाहिए. उनके मुताबकि समाज के भीतर आपसी सहयोग और एकता को बढ़ावा देना समय की जरूरत है.
हिंदुओं से आर्थिक सहयोग की अपील
धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए. उन्होंने विशेष रूप से कहा कि अमीर हिंदुओं को गरीब हिंदुओं को रोजगार देने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने लोगों से हिंदुओं की दुकानों से खरीदारी करने और अपने समाज के लोगों के साथ खड़े रहने की अपील भी की. उनके अनुसार इससे समाज आर्थिक रूप से मजबूत होगा और आपसी सहयोग की भावना बढ़ेगी.
तीन दिवसीय कार्यक्रम में जुट रहे श्रद्धालु
राजकोट में आयोजित हनुमंत कथा और दिव्य दरबार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. कार्यक्रम के पहले दिन ही धीरेन्द्र शास्त्री के बयानों ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है. फिलहाल राजकोट में उनका तीन दिवसीय कार्यक्रम जारी है. एक तरफ श्रद्धालु कथा और दिव्य दरबार में शामिल हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर फ्रेंडशिप जिहाद, धर्मांतरण और हिंदू इंटेलिजेंस को लेकर दिए गए उनके बयान चर्चा का केंद्र बने हुए हैं.