दिल्ली में उपराज्यपाल के घर नौ दिन के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपना धरना खत्म किया. केजरीवाल के पुराने साथी योगेंद्र यादव ने बुधवार को इसपर तीखा वार करते हुए कहा था कि खेल खत्म और फुटेज हजम. लेकिन अब एक दिन बाद योगेंद्र यादव ने अपने ही ट्वीट पर अफसोस जताया है.
योगेंद्र यादव ने गुरुवार को ट्वीट किया कि मेरे इस ट्वीट को बहुत लाइक और रीट्वीट किया गया. मैंने देखा तो इसे चाहने वालों में कई निष्पक्ष लोगों के साथ कई मोदी भक्त और कांग्रेसी ट्रोल भी थे. जो मुझे अच्छा नहीं लगा. मुझे शायद मसालेदार भाषा से परहेज करना चाहिए था, या सोशल मीडिया से ही कुछ व्रत रखने की जरूरत है.
मेरे इस ट्वीट को बहुत लाइक और रीट्वीट किया गया। मैंने चेक किया तो देखा इसे चाहने वालों में कई निष्पक्ष लोगो के साथ साथ बहुत मोदी भक्त और कांग्रेसी ट्रोल भी थे। मुझे अच्छा नहीं लगा। शायद मसालेदार भाषा से परहेज़ करना चाहिए। या सोशल मीडिया से ही कुछ व्रत रखना जरूरी है।
— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav)
बुधवार को योगेंद्र यादव ने ट्वीट किया था कि खेल खत्म, फुटेज हजम. दस दिन के इस ड्रामे से आखिर दिल्ली की जनता को क्या मिला. मुख्यमंत्री ने अफसरों से अपील की, अफसरों और मंत्रियों की मीटिंग तय हो गई. क्या एलजी ने बैठक बुलाई, हड़ताल तुड़वाई? आखिर राशन डिलीवरी की मांग कहां गई, हां पब्लिसिटी खूब हुई. और क्या चाहिए.
बिना एलजी से मिले ही लौटे थेखेल ख़तम, फुटेज हजम!
दस दिन के इस ड्रामे से दिल्ली की जनता को क्या मिला? मुख्यमंत्री ने अफसरों से अपील की, अफसरों और मंत्रियों की मीटिंग तय हो गई। क्या LG ने मीटिंग बुलाई? "हड़ताल" तुड़वाई? अफसरों को सजा हुई? राशन डिलीवरी की मांग कहां गई? हां, पब्लिसिटी खूब हुई।
और क्या चाहिए?
— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav)
धरना खत्म करने से पहले राज्य के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने उन्हें हालात की जानकारी दी थी. इसके बाद केजरीवाल के धरना खत्म करने की जानकारी सामने आ गई. केजरीवाल दिल्ली के एलजी से मिलने को लेकर धरने पर बैठे थे, वह और उनके साथ मौजूद गोपाल राय एलजी से बिना मिले ही लौट आए थे.
हालांकि, गुरुवार से अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत दिल्ली सरकार के सभी मंत्रियों ने अपने मंत्रालय में कामकाज शुरू कर दिया है. कई मंत्रियों ने अधिकारियों संग बैठक भी की. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आश्वासन के बाद अधिकारियों ने काम पर वापस आने का फैसला किया था.