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यमुना को चमकाने खुद उतरीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता... 28 घाटों पर चलाया मेगा सफाई अभियान, जनता से की ये खास अपील

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना नदी के 28 घाटों पर सफाई अभियान में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि यमुना को स्वच्छ रखना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है. अभियान में हजारों नागरिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के स्वयंसेवक शामिल हुए.

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना नदी को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए एक बड़े सफाई अभियान में हिस्सा लिया (Photo: PTI)
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना नदी को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए एक बड़े सफाई अभियान में हिस्सा लिया (Photo: PTI)

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना नदी के 28 घाटों पर एक बड़ा सफाई अभियान चलाया. उनके साथ उनकी पूरी कैबिनेट, BJP के नेता, सांसद और हजारों आम नागरिक भी शामिल हुए. यह अभियान सुबह 6 बजे शुरू हुआ और चार घंटे तक चला.

दिल्ली में यमुना नदी की सफाई एक बहुत बड़ा मुद्दा रहा है. रविवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दिशा में एक कदम उठाया और खुद नदी के किनारे पहुंचकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया.

कहां-कहां हुआ अभियान?

यह अभियान दिल्ली के यमुना नदी के 28 अलग-अलग घाटों पर एक साथ चलाया गया. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद गीता कॉलोनी इलाके में नदी के किनारे पहुंचीं. BJP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा यमुना बैंक वाले हिस्से में गए. इसके अलावा दिल्ली के कई और मंत्री भी अलग-अलग घाटों पर गए जैसे कि परवेश साहिब सिंह, पंकज सिंह और रविंदर इंद्रराज. दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता भी इस अभियान में शामिल हुए.

कितने लोग आए?

इस अभियान में सिर्फ नेता ही नहीं बल्कि हजारों आम नागरिक भी शामिल हुए. 500 से ज्यादा सामाजिक और धार्मिक संगठनों के स्वयंसेवक भी इसमें आए. BJP के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, मनोज तिवारी और स्वाति मालीवाल भी पार्टी के दूसरे नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ इस अभियान का हिस्सा बने.

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना की सफाई सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है. इसके लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे यमुना में टूटी हुई मूर्तियां और कपड़े न फेंकें.

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उन्होंने खुद देखा कि नदी में इस तरह का सामान डाला गया था और इस पर नाराजगी जताई. मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि यह अभियान बस एक दिन का नहीं रहेगा. उनकी सरकार आगे भी इस तरह के अभियान अलग-अलग जगहों पर नियमित रूप से चलाती रहेगी.

पैसा कहां से आएगा?

मुख्यमंत्री ने बताया कि यमुना की सफाई के लिए 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं. इसके अलावा नजफगढ़ इलाके में 860 करोड़ रुपये की लागत से 12 नए छोटे-छोटे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं. यह काम AMRUT योजना के तहत हो रहा है. इन प्लांट्स का मकसद यह है कि बिना साफ किया हुआ गंदा पानी सीधे यमुना में न जाए.

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