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जामिया कैंपस में जबरन घुसने का आरोप, इमरान मसूद समेत कई कांग्रेस सांसदों के खिलाफ FIR

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव बहाली को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. इस बीच दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की शिकायत पर तीन सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की है. वहीं, SFI ने पुलिस पर सैकड़ों छात्रों की हिरासत लेने का भी आरोप लगाया है.

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पुलिस ने जामिया प्रशासन की शिकायत पर सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की. (Photo- ITGD)
पुलिस ने जामिया प्रशासन की शिकायत पर सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की. (Photo- ITGD)

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव बहाल करने को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. यूनिवर्सिटी प्रशासन की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने कई कांग्रेस सांसदों के खिलाफ अनाधिकृत प्रवेश और छात्रों को भड़काने के आरोप में FIR दर्ज की है. 

यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने कांग्रेस के लोकसभा MP मसूद, राज्यसभा MP इमरान प्रतापगढ़ी और दूसरों के खिलाफ दिल्ली पुलिस में फॉर्मल शिकायत दर्ज कराई है. इससे पहले शुक्रवार को भी कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी छात्रों का समर्थन पहुंचे जामिया पहुंचे थे. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया था.

वहीं, SFI ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने गेट नंबर 7 के बाहर से सैकड़ों छात्रों को हिरासत में लिया है. कई वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें दिल्ली पुलिस छात्राओं को जबरन उठाकर डिटेन करती नजर आ रही हैं.

ऑनलाइन क्लासेस का विरोध

बता दें कि जामिया में साल 2006 से छात्र संघ (JMISU) चुनाव नहीं हुए हैं. चुनाव की मांग को लेकर पिछले दो हफ्तों से प्रदर्शन जारी है, जिसमें चार छात्र 13 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यूनिवर्सिटी ने शनिवार से सभी क्लासेस ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर दीं. प्रशासन ने छात्रों को कैंपस न आने की सलाह दी है और यूनिवर्सिटी के गेट और लाइब्रेरी को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया है.

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प्रशासन की समझाइश बेअसर

यूनिवर्सिटी के मुताबिक, शनिवार को वाइस चांसलर मजहर आसिफ और रजिस्ट्रार मोहम्मद महताब आलम रिजवी के नेतृत्व में लगभग 1,500 टीचर और गैर-शिक्षण कर्मचारी गेट नंबर 7 पहुंचे थे. उन्होंने करीब दो घंटे तक प्रदर्शनकारी छात्रों को आंदोलन खत्म करने के लिए समझाया, लेकिन छात्र नहीं माने.

हालांकि SFI की जामिया इकाई ने आरोप लगाया कि प्रॉक्टर और सुरक्षा सलाहकारों ने भूख हड़ताल कर रहे छात्रों के टेंट उखाड़ दिए और छात्राओं के साथ बदसलूकी की. वहीं प्रशासन का दावा है कि कुछ छात्रों ने टीचरों और गार्डों के साथ धक्का-मुक्की की.

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि प्रोफेसरों की सात सदस्यीय समिति छात्रों से चार दौर की वार्ता कर चुकी है. 21 अक्टूबर को छात्र संघ के नए संविधान का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कमेटी भी गठित की गई है. लेकिन, FSI की मांग है कि संविधान बनाने वाली इस कमेटी में छात्रों को भी शामिल किया जाए और इसी सेमेस्टर में चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाए.

यह भी पढ़ें: जामिया में ऑनलाइन क्लासेज के फैसले पर भड़के छात्र, गेट नंबर 7 पर जोरदार हंगामा- VIDEO

इसके अलावा, प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई वापस लेने और बल प्रयोग के विरोध में चीफ प्रॉक्टर और सुरक्षा सलाहकार के इस्तीफे की मांग की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के लिए गेट नंबर 18 तय है और गालिब लॉन में धरना पूरी तरह अनाधिकृत है.

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