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'सिर्फ सीमाएं बंटने का दिन नहीं 14 अगस्त...', दिल्ली के पार्टिशन म्यूजियम में छलका बंटवारे का दर्द

दिल्ली के पार्टिशन म्यूजियम एंड कल्चरल हब में 79वीं वर्षगांठ पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया. इस अवसर पर शरणार्थियों के संघर्ष और योगदान को सम्मानित किया गया.

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दिल्ली के पार्टिशन म्यूजियम में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया
दिल्ली के पार्टिशन म्यूजियम में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया

'विभाजन केवल सीमा खींचने की एक घटना नहीं थी, बल्कि इसने लाखों लोगों को उनके घरों, समुदायों और यादों से अलग-थलग कर उजाड़ दिया था.' दिल्ली के एलजी सरदार तरनजीत सिंह संधू ने अपना ये संदेश बीते दिनों में राजधानी में हुए एक कार्यक्रम के दौरान शेयर किया.

देश के विभाजन की 79वीं वर्षगांठ पर दिल्ली के पार्टिशन म्यूजियम एंड कल्चरल हब में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' का आयोजन हुआ, जिसमें विभाजन के बाद नए सिरे से जिंदगी शुरू करने वाले शरणार्थियों के संघर्ष और योगदान को सम्मानित किया गया.

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के सहयोग से हुए इस आयोजन के दौरान 1947 के विभाजन के दौरान विस्थापित हुए लाखों लोगों को याद किया गया. हालांकि दिल्ली के एलजी समारोह में मौजूद तो नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने अपना संदेश जरूर शेयर किया.

उन्होंने कहा कि दिल्ली के लाजपत नगर, पंजाबी बाग, मॉडल टाउन और खान मार्केट जैसे इलाकों पर उस इतिहास की छाप आज भी दिखाई देती है. विस्थापित परिवार बहुत कम संसाधनों के साथ दिल्ली पहुंचे, लेकिन उन्होंने अपनी जिंदगी दोबारा खड़ी की और नए राष्ट्र के निर्माण में योगदान दिया.'

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'विभाजन की पीड़ा को याद रखना जरूरी'

IGNCA के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि संस्कृति को संरक्षित करने के लिए स्मृतियों को सुरक्षित रखना जरूरी है. देश को एकजुट और मजबूत रखने के लिए विभाजन की पीड़ा को भी याद किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विभाजन की कहानियां सिर्फ इतिहास की किताबों में नहीं, बल्कि मौखिक इतिहास, पारिवारिक तस्वीरों, दस्तावेजों और पीढ़ियों से संभालकर रखी गई निजी वस्तुओं में भी मौजूद हैं. कार्यक्रम में विभाजन के प्रत्यक्षदर्शी और उनके परिवार भी शामिल हुए. इसके बाद म्यूजियम टूर आयोजित किया गया, जिसमें विभाजन से जुड़ी निजी वस्तुएं, तस्वीरें, दस्तावेज और लोगों की कहानियां दिखाई गईं.

दिल्ली-अमृतसर और मुंबई में लगेंगी मूर्तियां

पार्टिशन म्यूजियम की संस्थापक और चेयरपर्सन किश्वर देसाई ने एक नए प्रोजेक्ट का ऐलान किया. उन्होंने बताया कि भारत की आजादी और विभाजन के 80वें वर्ष के अवसर पर म्यूजियम विभिन्न शहरों की सरकारों और युवा कलाकारों के साथ मिलकर नई दिल्ली, अमृतसर और मुंबई में विभाजन के शरणार्थियों की स्मृति में मूर्तियां स्थापित करेगा.

दिल्ली में लाजपत नगर, फ्रेंड्स कॉलोनी, खान मार्केट और किंग्सवे कैंप जैसे प्रमुख स्थानों पर पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की मूर्तियां लगाने की योजना है. अमृतसर और वाघा बॉर्डर पर भी 1947 के विभाजन से जुड़े दृश्य स्थापित किए जाएंगे. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य विभाजन की व्यक्तिगत त्रासदियों और शरणार्थियों के संघर्ष की कहानियों को संग्रहालयों से बाहर सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचाना है, ताकि नई पीढ़ियां भी उस दौर की पीड़ा, संघर्ष और पुनर्निर्माण की कहानियों से जुड़ सकें.
 

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