ईवीएम में टेंपरिंग को लेकर आम आदमी पार्टी के दावे पर हर तरफ सवाल उठ रहे हैं. राजनीतिक दलों ने तो इसे नौटंकी करार दिया है, साथ ही सोशल मीडिया पर भी लोगों ने आप के इस कदम को हास्यास्पद बताया है. सोशल मीडिया पर टेंपरिंग को लेकर लोगों ने आप विधायक सौरभ भारद्वाज की खिंचाई भी की है.
अविनाश शेट्टी के नाम चल रहे ट्वीटर अकाउंट पर सौरभ भारद्वाज को लेकर टिप्पणी की गई. इस अकाउंट से लिखा गया, ' आखिरकार सौरभ भारद्वाज के रूप में भारत को अपना आइंस्टीन मिल ही गया, जिसने रहस्यात्मक कोड को तोड़ डाला. वो 'आप' को में लॉन्च करने के लिये तैयार हैं.'
Finally India has found its own Einstein,
— Avinash Shetty (@AvinashShetty56)
Mysterious code cracked. He is all set to launch AAP in Mars.
अमाल मैग्जीन ट्विटर हैंडल से लिखा गया, 'मेक इन इंडिया से प्रभावित होकर ने खिड़की एक्सटेंशन वर्कशॉप पर ईवीएम बनानी शुरू कर दी. मुबारक हो.'
Inspired by has started making EVM at khirki extn workshop. Congratulations.
— Amal Magazine (@amalmagazine)
एंग्री रिपोर्टर के ट्विटर हैंडल से एक कार्टून भी शेयर किया गया है. कार्टून के साथ लिखा गया है, ' कमबख्त...कैसी लाइट फिटिंग की है, ट्यूब लाइट का बटन दबाओ तो पंखा चालू होता है...पहले EVM मशीन बनाते थे क्या...'
Best on .
— Angry Reporter (@reporterbhai)
इतना ही आम लोगों के अलावा खास लोगों ने भी के डेमो पर सवाल उठाए हैं. मशहूर लेखक चेतन भगत ने ट्वीट कर टेंपरिंग डेमो की आलोचना की. उन्होंने अपनी ट्वीट में लिखा, 'ईवीएम टेंपरिंग डेमो ऐसा है, जैसे अपनी चाबी से अपनी कार खोलना और कहना कि इस चाबी से देश की हर कार खोली जा सकती है.'
That EVM tampering demo is like opening your own car with your own keys and saying every car in the country can be opened with this key.
— Chetan Bhagat (@chetan_bhagat)
बता दें कि मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने ईवीएम टेंपरिंग का डेमो दिखाया था. डेमो के जरिए सौरभ ने ये दिखाया था कि दूसरी पार्टियों को डाले गए वोट भी बीजेपी को मिले. सौरभ के इस डेमो के बाद हर तरफ ईवीएम को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है.
इससे पहले यूपी विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद बसपी सुप्रीमो ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे. जिसके बाद तमाम विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग में इसकी शिकायत कर जांच की मांग की थी. अब चुनाव आयोग ने 12 मई को सभी दलों को इस संबंध में चर्चा के लिए बुलाया है.