दिल्ली पुलिस के कुछ जवान दो अफसरों के ट्रांसफर के विरोध में सोमवार को पुलिस हेडक्वार्टर के मेन गेट के बाहर प्रोटेस्ट कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे दिल्ली पुलिस के जवानों को दिल्ली पुलिस ही रोकने का काम कर रही है.
नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों को पुलिस हेडक्वार्टर के अंदर आने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बातचीत हो सके. बताया जा रहा है कि नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट के ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारी भी इस प्रोटेस्ट में शामिल हो गए हैं.
वकीलों के साथ हुए विवाद और एक वकील पर हुए कथित हमले के बाद एसीपी समेत दो अफसरों का ट्रांसफर कर दिया गया था, जिसके खिलाफ कुछ पुलिसकर्मियों में नाराजगी है.
यह विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई एक घटना से शुरू हुआ, जहां वकील ललित बंसल को कथित तौर पर हाथापाई के दौरान सिर में गंभीर चोट लगी थी. इस घटना के बाद पुलिस स्टेशन में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हुआ, जिसके चलते डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी.
एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार के ट्रांसफर के फैसले के बाद डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के वकीलों ने एफआईआर और शिकायतों पर दो महीने की जांच के आश्वासन पर अपनी हड़ताल वापस ले ली. हालांकि, इस फैसले से दिल्ली पुलिस के निचले रैंक के कर्मियों में भारी नाराजगी फैल गई.
ट्रांसफर एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को लेटर लिखकर ओपन हाउस यानी संपर्क सभा की मांग की. जबकि, कुछ पुलिसकर्मियों ने ट्रांसफर के खिलाफ विरोध दर्ज करने की मंशा जताई.
दिल्ली पुलिस ने 28 अक्टूबर को ACP मनस्वी वशिष्ठ का ट्रांसफर कर दिया था, जो गांधी नगर में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर के तौर पर तैनात थे. उन्हें स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) में भेजा गया. शाहदरा पुलिस स्टेशन के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार का ट्रांसफर सिक्योरिटी यूनिट में कर दिया गया.