दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार को होटल फ्लॉरिस स्टे के लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई. इस हादसे में करीब 21 लोगों की मौत हो गई है और करीब 35 लोग घायल है, जिन्हें मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. आग इतनी भीषण थी कि लोगों ने बिल्डिंग से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की.
दिल्ली फायर सर्विस टीम के मुताबिक मालवीय नगर में लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में आग लगने की सूचना सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर मिली. इसके तुरंत बाद दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. आग से घायलों को मैक्स अस्पताल में इलाजा के लिए भर्ती कराया गया है.
दिल्ली में पिछले कुछ दशकों में कई बेहद भीषण और दर्दनाक अग्निकांड हुए हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवाई है. दिल्ली में उपहार सिनेमा से बवाना पटाखा फैक्ट्री और मालवीय नगर के होटल फ्लॉरिस स्टे के अग्निकांड हुए.
मालवीय नगर अग्निकांड में 21 की मौत
दिल्ली के पॉश इलाका मालवीय नगर के एक रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह भयानक आग लग गई है, इससे न केवल रेस्टोरेंट में अफरा-तफरी मच गई बल्कि रेस्टोरेंट के ऊपर बने होटल फ्लॉरिस स्टे में ठहरे 21 लोगों की मौत हो गई और 37 लोग घायल है. हालांकि, सूचना मिलते ही दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचे. राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है.
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक के दिल्ली दमकल सेवा (DFS) के एक अधिकारी ने बताया कि लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी आग पर काबू पाने के लिए शुरुआती कदम के तौर पर दो वॉटर टेंडर, दो वॉटर बाउजर, एक क्विक रिस्पॉन्स गाड़ी और आग बुझाने वाली अन्य यूनिट्स भेजी गईं. यह एक बहुमंजिला इमारत है. इसमें एक बेसमेंट, एक ग्राउंड फ्लोर और पांच ऊपरी मंजिलें हैं.
उपहार सिनेमा अग्निकांड में 59 लोग की मौत
दिल्ली के इतिहास के सबसे भीषण हादसों में से एक उपहार सिनेमा अग्निकांड था. दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित उपहार सिनेमा में 'बॉर्डर' फिल्मी शो के दौरान ट्रांसफार्मर में खराबी के कारण भीषण आग लग गई थी. यह घटना 13 जून 1997 को हुई थी, जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे.
बवाना पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड में 17 मौत
बाहरी दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में 20 जनवरी 2018 को भीषण आग लग गई थी. आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला, जिसके चलते 17 लोगों की मौत हो गई थी. इसमें 10 महिलाएं भी शामिल थी.
करोल बाग होटल अर्पित पैलेस अग्निकांड
करोल बाग के एक आलीशान होटल 'अर्पित पैलेस' में 12 फरवरी 2019 के सुबह तड़के सुबह शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई थी. इस होटल में लकड़ी का अत्यधिक काम होने और आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) बंद होने के कारण लोग फंस गए थे, जिसके चलते 17 लोगों की मौत हो गई थी.
उसी साल 8 दिसंबर 2019 को दिल्ली के रानी झांसी रोड पर स्थित अनाज मंडी की एक बहुमंजिला इमारत में सुबह के वक्त आग लगी थी. इस फैक्ट्री नुमा इमारत में मुख्य रूप से बैग और प्लास्टिक का सामान बनता था और मजदूर अंदर ही सो रहे थे, जिसमें 45 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. बता दें कि धुएं के कारण दम घुटने से सबसे ज्यादा मौतें हुईं थी.
मुंडका कमर्शियल बिल्डिंग अग्निकांड
पश्चिम दिल्ली के मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक चार मंजिला व्यावसायिक (कमर्शियल) इमारत में 13 मई 2022 को भीषण आग लग गई थी. इस इमारत में सीसीटीवी कैमरे और राउटर बनाने वाली कंपनी का दफ्तर थ,। सिंगल एग्जिट होने की वजह से लोग फंस गए थे, जिसके चलते 27 लोगों की मौत हो गई थी और 40 से अधिक लोग झुलस गए थे.
उत्तरी दिल्ली के अलीपुर इलाके में एक पेंट फैक्ट्री और गोदाम में 14 फरवरी 2024 को हुए धमाके के बाद भीषण आग फैल गई थी. आग ने आसपास की दुकानों और घरों को भी चपेट में ले लिया था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए थे.
विवेक विहार बेबी केयर न्यूबॉर्न हॉस्पिटल अग्निकांड
पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में स्थित एक बच्चों के अस्पताल 'बेबी केयर न्यूबॉर्न हॉस्पिटल' में अवैध रूप से रखे ऑक्सीजन सिलेंडरों में विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई थी, यह दिल्ली के सबसे संवेदनशील हादसों में से एक था, जो 25 मई 2024 को हुई थी, इसमें 7 नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी.
दिल्ली के मुखर्जी नगर में 15 जून 2023 को एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 61 लोग घायल हो गए थे. जांच से पता चला था कि आग बिजली के मीटर से लगी थी,जो देखते-देखते पूरी बिल्डिंग में फैल गई. हादसे के वक्त कोचिंग सेंटरों में करीब 200-250 छात्र मौजूद थे. छात्रों ने आग से बचने के लिए खिड़कियां तोड़ीं, रस्सियों के सहारे नीचे उतरे और सीढ़ियों का सहारा लिया. कुछ छात्रों ने बचने के लिए खिड़की के जरिए तीसरी मंजिल से छलांग तक लगा दी थी.