दिल्ली में सरकार गठन के मुद्दे पर हलचल तेज हो गई है. सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देने के उपराज्यपाल (एलजी) के प्रस्ताव को राष्ट्रपति मंजूरी दे चुके हैं. अब उपराज्यपाल ने बयान जारी कर कहा है कि आने वाले कुछ दिनों में वह सभी पार्टियों से इस मुद्दे पर बात करके सरकार गठन की संभावनाएं तलाशेंगे.
एलजी के ताजा बयान से बिफर गई है. AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि सर्वदलीय बैठक उपराज्यपाल का शगूफा है, ताकि इसके जरिये सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा जा सके और कल होने वाली सुनवाई को आगे बढ़ाया जा सके.
LG says he will call all party meeting in "next few days"? Why next few days? To seek adj in SC tomo? (1/2)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
सबका रुख जानते हैं LG: AAP
वहीं AAP नेता आशुतोष ने कहा है कि जब एलजी चुनावों पर सभी पार्टियों का रुख जानते हैं तो वह अलग से बात क्यों करना चाहते हैं? और वह भी, सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ही क्यों? पार्टी प्रवक्ता आतिशी मारलेना का कहना है कि जब किसी के पास बहुमत नहीं है तो सब पार्टियों से बात करके क्या एलजी हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा देने वाले हैं? AAP नेता आशुतोष ने एक बार फिर उपराज्यपाल पर की तरह काम करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी एलजी से मिलने पर सोचकर फैसला करेगी.
गौरतलब है कि बुधवार सुबह ही केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात कर दिल्ली की स्थिति पर चर्चा की थी. इसके कुछ ही देर बाद उपराज्यपाल ने सभी पार्टियों से बात करने का बयान जारी किया है.
Why LG wants to hold a chat with all parties when he knows views of all of them concerned on elections ?And why now when SC has criticised ?
— ashutosh (@ashutosh83B)
LG is in collusion with BJP to delay elections in Delhi - says Kejriwal to NDTV .
— ashutosh (@ashutosh83B)
What does the LG mean he will talk to all parties? Does he want to start the process of horse-trading in Delhi?!
— Atishi Marlena (@AtishiMarlena)
न्योता मिला तो विचार करेंगे: BJP
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा है कि अगर एलजी उन्हें सरकार बनाने का प्रस्ताव देते हैं तो बीजेपी इस पर गंभीरता से विचार करेगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी दिल्ली की जनता के हित में फैसला लेगी. इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता राजनाथ सिंह ने आज तक से बातचीत में कहा था कि दिल्ली में सरकार बनाने के लिए पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों को किसी कीमत पर ताक पर नहीं रखेगी.
BJP को न्योता देने के खिलाफ कांग्रेस
वहीं कांग्रेस ने कहा है कि केंद्र सरकार दिल्ली में चुनाव नहीं करवाना चाहती. पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा है कि अगर वाकई मोदी लहर तो बीजेपी चुनाव क्यों नहीं करवाती? उन्होंने कहा कि अगर एलजी बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देते हैं तो इसका मतलब जोड़-तोड़ को बढ़ावा देना ही होगा, क्योंकि बीजेपी के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है.
पहले मोदी और अमित शाह से होगी चर्चा!
सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार दिल्ली में चुनाव कराने के पक्ष में है. हालांकि दूसरे पहलुओं पर भी विचार जारी है. उधर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से बात होगी. तब इस पर फैसला लिया जाएगा.
बीजेपी के रूख पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के हमले तेज हो गए हैं. कांग्रेस चुनौती दे रही है कि बीजेपी चुनाव कराए. वही आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने भी कहा है कि अगर मोदी लहर है तो चुनाव क्यों नहीं कराते. केजरीवाल का ये भी दावा है कि दिल्ली में AAP से टकराकर मोदी की लहर थम जाएगी. केजरीवाल ने कहा है कि कोर्ट की फटकार के बाद अगर बीजेपी में जरा भी शर्म बाकी है तो उसे चुनाव कराने चाहिए.
If Jung has no idea then why did he invite BJP to form gvt? What is he doing in d chair of LG? Playing games? Shd demit d office right away
— Ashish Khetan (@AashishKhetan)
सतीश उपाध्याय ने बनाई नई टीम
वहीं दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर चल रही सियासी उठापटक के बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया. उन्होंने अपनी टीम में कई नए चेहरों को जगह दी गई है. रमेश विधूड़ी, आशीष सूद और रेखा गुप्ता को महासचिव बनाया गया है. बीजेपी ने स्वच्छता अभियान के नाम पर एक अलग सेल गठित किया है. सतीश गुप्ता उसके प्रमुख होंगे. वही हरीश खुराना, राजीब बब्बर और अमन सिन्हा प्रवक्ता बनाए गए हैं. चार महीने से सतीश उपाध्याय की नई टीम के ऐलान का इंतजार था.
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी केंद्र को फटकार
इससे पहले मंगलवार को दिल्ली में सरकार के मसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई. कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि बीजेपी कैसे सरकार बनाएगी. सरकार बनाने में हो रही देरी और बहुमत के आंकड़े पर भी अदालत ने सवाल खड़े किए. केंद्र सरकार ने दलील दी कि राष्ट्रपति ने उपराज्यपाल के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देने की बात थी. इस पर वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार चूहा बिल्ली का खेल खेल रही है. सरकार की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने भी नाराजगी जाहिर की. अब इस मामले की सुनवाई गुरूवार से शुरू होगी.
कोर्ट की नाराजगी के बाद बीजेपी बैकफुट पर है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक पार्टी झारखंड और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव तक दिल्ली में चुनाव नहीं कराना चाहती. यानि डेढ़ महीने बाद ही पार्टी कोई फैसला करने का मूड बना रही है. दिल्ली के बीजेपी अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने भी कहा है कि पार्टी सही समय पर सही फैसला करेगी.