राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मॉनसून के पहुंचने के बावजूद मौसम ने लोगों को राहत देने के बजाय और परेशान कर दिया है. शुक्रवार को अधिकतम तापमान करीब 35.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा कम है, लेकिन हवा में नमी (humidity) बहुत ज्यादा होने की वजह से “फील्स-लाइक” तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. इसी वजह से सड़क पर निकलना, सफर करना और यहां तक कि घर के अंदर भी चिपचिपी गर्मी महसूस हो रही है.
सुबह और शाम दोनों समय नमी का स्तर 70% से 80% के बीच दर्ज किया गया, जिससे पसीना जल्दी सूख नहीं पा रहा और शरीर को लगातार भारीपन महसूस हो रहा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति मॉनसून के शुरुआती दिनों में आम होती है, जब बारिश कम होती है लेकिन हवा में नमी बहुत अधिक बनी रहती है.
भारतीय मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं (30–60 किमी/घंटा तक) देखने को मिल सकती हैं. 5 जुलाई के आसपास बारिश की गतिविधियां ज्यादा मजबूत होने की संभावना है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार असली राहत तब मिलेगी जब लगातार और अच्छी बारिश होगी। इससे हवा में मौजूद अतिरिक्त नमी कम होगी और तापमान के साथ-साथ “ह्यूमिडिटी इंडेक्स” भी नीचे आएगा. अभी जो 45-46 डिग्री जैसा एहसास हो रहा है, वह सीधे तापमान से नहीं बल्कि हवा में मौजूद ज्यादा नमी और कम वेंटिलेशन की वजह से है.
फिलहाल स्थिति यह है कि तापमान भले ही 35 डिग्री के आसपास है, लेकिन उमस की वजह से शरीर पर गर्मी का असर कहीं ज्यादा महसूस हो रहा है। आने वाले 3-4 दिन तक इसी तरह की चिपचिपी गर्मी बनी रह सकती है, लेकिन वीकेंड पर बारिश के बाद कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.