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दिल्ली होटल अग्निकांड: दो हेल्थ इंस्पेक्टरों की जाएगी नौकरी, DHO पर भी गिरेगी गाज

दक्षिण दिल्ली के फ्लोरिश स्टे अग्निकांड के बाद एमसीडी ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है. दो हेल्थ इंस्पेक्टरों की सेवाएं समाप्त करने की तैयारी है, जबकि जिला स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है.

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जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टरों को जिम्मेदार माना गया है. (File Photo- PTI)
जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टरों को जिम्मेदार माना गया है. (File Photo- PTI)

दक्षिण दिल्ली के हौज रानी इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे में हुई भीषण आग की घटना के बाद नगर निगम (MCD) ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक प्रारंभिक जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद एमसीडी दो संविदा आधारित पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टरों की सेवाएं समाप्त करने की तैयारी में है, जबकि संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

सूत्रों के मुताबिक, जांच में पाया गया है कि फ्लोरिश स्टे परिसर का निरीक्षण 2025 और 2026 में दो बार किया गया था. इन निरीक्षणों के आधार पर अधिकारियों ने वहां चाय और स्नैक्स आउटलेट चलाने के लिए हेल्थ ट्रेड लाइसेंस जारी करने की सिफारिश की थी.

हालांकि जांच में सामने आया कि जिस परिसर को केवल चाय-नाश्ते की दुकान चलाने की अनुमति दी गई थी, वहां कथित तौर पर एक पूर्ण रेस्तरां संचालित किया जा रहा था. इसके अलावा परिसर में बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) सुविधा भी चलाई जा रही थी. आग लगने के समय भी यह गतिविधियां जारी थीं.

एमसीडी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टरों को जिम्मेदार माना गया है. सूत्रों का कहना है कि उनकी संविदा सेवाएं समाप्त की जाएंगी. वहीं जिला स्वास्थ्य अधिकारी को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है. विभागीय जांच पूरी होने के बाद अधिकारी के तबादले का फैसला भी लिया जा सकता है.

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जांच में यह भी सामने आया है कि संस्थान को जारी हेल्थ ट्रेड लाइसेंस 31 मार्च 2026 को ही समाप्त हो चुका था. इसके बावजूद परिसर में व्यावसायिक गतिविधियां जारी रहीं. अब यह जांच की जा रही है कि लाइसेंस की शर्तों का पालन किया गया था या नहीं और निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की अनियमितताओं को नजरअंदाज तो नहीं किया गया.

अधिकारियों के अनुसार, यह भी देखा जा रहा है कि परिसर में संचालित व्यावसायिक गतिविधियां स्वीकृत अनुमति के अनुरूप थीं या नहीं. साथ ही यह भी जांच का विषय है कि निरीक्षण करने वाले अधिकारियों ने कथित उल्लंघनों पर कार्रवाई क्यों नहीं की.

इस हादसे के बाद एमसीडी के लाइसेंस और निरीक्षण तंत्र पर भी सवाल उठने लगे हैं. निगम अब उन अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रहा है जिन्होंने संस्थान को मंजूरी दी थी और बाद में उसकी निगरानी की जिम्मेदारी संभाली थी.

उधर, इस अग्निकांड में घायल एक बांग्लादेशी महिला की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है. 

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