आप पार्टी के विधायकों की सदस्यता रद्द करने के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को विधायकों के वकील ने अपनी जिरह पूरी कर ली है. अब चुनाव आयोग पूरे मामले में अपना पक्ष रखेगा.
पहले दिल्ली हाईकोर्ट में सिर्फ 8 विधायक आए थे, लेकिन याचिका के स्वीकार करने के बाद शेष 12 विधायकों ने भी अपनी अपनी याचिका लगा दी. रह पूरी करने के बाद अब बुधवार से इस मामले में चुनाव आयोग अपना पक्ष रखेगा. मंगलवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट में विधायकों ने चुनाव आयोग पर मनमानी करने का आरोप लगाया.
विधायकों की ओर से उनके वकील ने कहा कि आयोग ने इस केस में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह बर्ताव किया. उनका पक्ष नहीं सुना गया और अपना फैसला सुना दिया. ऐसे में आयोग की राष्ट्रपति को भेजी गई सिफारिशें और केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना को रद्द किया जाए.
जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस चंद्रशेखर की बेंच के सामने सभी 20 विधायकों की तरफ से जिरह पूरी हो गई है. अब 21 फरवरी को चुनाव आयोग अपना पक्ष रखेगा. सुनवाई के दौरान विधायकों के वकील ने कहा कि आयोग के हलफनामे में कई कमियां हैं. आयोग जैसी संस्थाओं को संवैधानिक सीमाओं मे रहना होता है. संविधान रूल ऑफ लॉ से चलता है और चुनाव आयोग ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है.