दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राशन की डोर स्टेप डिलीवरी की फाइल पास ना होने पर दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी से सोशल मीडिया पर अपील की है. हाल ही में दिल्ली सरकार ने एलजी द्वारा घर- घर राशन पहुंचाने की फाइल पास ना करने का आरोप लगाया था.
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, 'मनोज जी, दिल्ली की गरीब जनता की खातिर आप अपने एलजी साहब से राशन की डोर स्टेप डिलीवरी पास करा दीजिए, प्लीज. गरीबों की रोटी तो मत छीनिए.'मनोज जी, दिल्ली की ग़रीब जनता की ख़ातिर आप अपने LG साहिब से राशन की doorstep delivery पास करा दीजिए प्लीज़। ग़रीबों की रोटी तो मत छीनिए।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
बता दें कि इससे पहले मनोज तिवारी ने दिल्ली सरकार के बजट पर ट्वीट करते हुए लिखा था कि अपने भाषण में बार- बार एलजी का जिक्र कर अरविंद केजरीवाल सिर्फ काम ना करने का बहाना ढूंढ रहे हैं.
By blaming everything on the during Delhi Budget speech..
only seeking excuses for non performance of government..
Budget lacks Seriousness.
— Manoj Tiwari (@ManojTiwariMP)
हाल ही में अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर एलजी द्वारा राशन की डोर स्टेप योजना को रद्द करने को छोटी राजनीति बताया था. केजरीवाल ने लिखा, "बहुत दुख की बात है कि माननीय एलजी ने राशन योजना के डोर स्टेप डिलीवरी को खारिज कर दिया है. मैंने बार-बार उनसे अनुरोध किया था कि कोई निर्णय लेने से पहले मुझे एक सलाह जरूर लें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. बेहद दुःख की बात है कि ऐसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव छोटे राजनीति के शिकार होते जा रहे हैं."
V sad that Hon’ble LG has rejected doorstep delivery of ration scheme. I had repeatedly requested him to give me an audience before taking a decision but he did not. Feeling really really sad that such imp proposals are becoming victims of petty politics.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
इसके अलावा दिल्ली सरकार ने आधार कार्ड से मिलने वाले राशन पर आपत्ति जताते हुए एक फाइल एलजी को भेजी थी. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह जानकारी भी ट्वीट कर बताते हुए लिखा कि एलजी ने आधार कार्ड संबंधी पीओएस मशीनों के संचालन को निलंबित करने के कैबिनेट के फैसले को भी खारिज कर दिया. पीओएस मशीन के लिए बड़ी समस्याएं पैदा कर रही है.
बता दें कि आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री आवास पर रात 12 बजे विधायकों के साथ मुख्य सचिव की बैठक की वजह राशन को बताया था. इस बैठक के बाद मुख्य सचिव ने मारपीट का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी. विवाद बढ़ने के दौरान ही कैबिनेट ने संबंधी पीओएस मशीन को हटाने का निर्णय लिया था. इसकी जानकरी डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी थी.