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'BJP ने किया प्रतिबंध का विरोध, जानबूझकर फोड़े पटाखे', केजरीवाल के मंत्री ने लगाया आरोप

Delhi pollution: गोपाल राय ने कहा कि भाजपा के लोग खुद ही चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे हैं कि हम पटाखे जलाने के पक्ष में हैं. इसके लिए कोई अन्य प्रमाण की जरूरत ही नहीं है. प्रतिबंध के बावजूद दिवाली पर पटाखे जलाने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है. 

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Delhi Air pollution
Delhi Air pollution
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पराली जलाने की करीब 3500 घटनाएं दर्ज की गईं
  • पटाखे जलाने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की

Delhi pollution AQI: दिवाली पर पटाखे फोड़ने के बाद धुआं-धुआं हुई दिल्ली के लिए खतरा अभी टला नहीं है. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर पानी के छिड़काव के लिए आज दिल्ली सचिवालय के बाहर टैंकरों को हरी झंडी दिखाई. इस दौरान उन्होंने कहा कि दिवाली के दिन पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ीं और कुछ लोगों द्वारा पटाखे जलाए गए, जिसकी वजह से दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है, जिसे काबू करने के लिए दिल्ली सरकार आपातकालीन कदम उठाते हुए सड़कों पर पानी का छिड़काव करा रही है. 

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण को काबू करने के लिए दिल्ली में कई जगहों पर बड़े स्मॉग गन लगाए गए हैं और 114 टैंकर लगाकर पूरे दिल्ली में सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है. साथ ही, मानदंडों का उल्लंघन पाए जाने पर 92 निर्माण साइट्स को सील करने के आदेश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा में अगर पराली जलाने की घटनाएं बढ़ती हैं, तो निश्चित रूप से उसका प्रभाव दिल्ली के उपर भी दिखेगा. 

एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि आज यह रिपोर्ट आई है कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं. कल पराली जलाने की करीब 3500 घटनाएं दर्ज की गईं और आज अभी तक की रिपोर्ट है कि पराली जलाने की घटनाएं 4 हजार पार कर गई हैं. पराली जलने से होने वाले प्रदूषण का प्रभाव आज भी दिल्ली के उपर दिख रहा है. 

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गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली के अंदर 92 ऐसी निर्माण साइट हैं, जिनका पिछले दिनों विभाग ने औचक निरीक्षण किया था और वहां पर दिल्ली सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पाया गया था. उन सभी 92 निर्माण साइट को सील करने का आदेश दिया गया है. एसडीएम और डीपीसीसी को आदेश दिए गए हैं कि दिल्ली के अंदर जो भी धूल प्रदूषण पैदा करने वाली निर्माण साइट्स हैं, उनको बंद करा दिया जाए.

उन्होंने कहा कि प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अधिक पंजाब में पराली जलाई जा रही है. उसके बाद हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाई जा रही है. उन्होंने कहा कि संभावना जताई जा रही है कि वायु प्रदूषण में अगले एक-दो दिनों में कुछ सुधार होगा. लेकिन पंजाब और हरियाणा में जिस तरह से पराली जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, वह अगर बढ़ती हैं, तो निश्चित रूप से उसका प्रभाव दिल्ली के उपर भी दिखेगा.

एक सवाल के जवाब में राय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लोग सरेआम कह रहे हैं कि पटाखे पर प्रतिबंध लगाना गलत था. भाजपा के लोग खुद ही चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे हैं कि हम पटाखे जलाने के पक्ष में हैं. इसके लिए कोई अन्य प्रमाण की जरूरत ही नहीं है. प्रतिबंध के बावजूद दिवाली पर पटाखे जलाने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है. 

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गोपाल राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को लिखा पत्रकर पराली जलने से रोकने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग की है. राय ने कहा कि मीटिंग बुलाकर के जॉइंट एक्शन प्लान बनाया जाये. केजरीवाल के मंत्री ने कहा कि आंकड़ें बताते हैं कि एक पराली जलने की घटनाएं कम नही हुई तो दिल्ली दमघोटू बनी रहेगी. पराली जलने की घटनाओं की वजह से दिल्ली पिछले 3 दिनों से प्रदूषण की मार झेल रही है. दिल्ली में हवा दम घोंटू बनी है जिसे लेकर दिल्ली चिंतित है. 
 

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