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बढ़ेंगे चार्जिंग स्टेशन, खरीदारों को तगड़ी छूट और... नई EV पॉलिसी के लिए कितनी तैयार है दिल्ली

दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी लागू की है, जिसका उद्देश्य 2030 तक चार्जिंग प्वाइंट की संख्या 9,000 से बढ़ाकर 32,000 करना है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया गया है जिससे प्रक्रिया आसान होगी.

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सीएम रेखा गुप्ता ने ईवी पॉलिसी को लेकर दिल्ली सरकार पूरी तैयार है
सीएम रेखा गुप्ता ने ईवी पॉलिसी को लेकर दिल्ली सरकार पूरी तैयार है

दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि राजधानी में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है. लोगों को चार्जिंग को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य साल 2030 तक दिल्ली में चार्जिंग प्वाइंट की संख्या मौजूदा करीब 9,000 से बढ़ाकर 32,000 करना है.

आजतक से खास बातचीत में सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, 'हम पूरी तरह तैयार हैं. मैं दिल्ली के लोगों को भरोसा दिलाना चाहती हूं कि उन्हें अपने इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी.'

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई EV पॉलिसी लगभग एक साल की तैयारी और बहुत विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई है. इस दौरान ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs), बिजली वितरण कंपनियों, हाउसिंग सोसायटियों, सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों से लगातार बातचीत की गई है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में अलग-अलग एजेंसियों के पास जमीन होने के बावजूद सरकार ने चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए जरूरी लैंड की पहचान कर ली है.

चार्जिंग स्टेशन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम

रेखा गुप्ता ने बताया कि चार्जिंग स्टेशन लगाने की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया है. इसके तहत चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाली कंपनियों और संस्थाओं को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. उन्होंने कहा कि दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) को इस पूरे अभियान की नोडल एजेंसी बनाया गया है. वहीं बिजली वितरण कंपनियां और हाउसिंग सोसायटियां भी अपने-अपने स्तर पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेंगी.

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मुख्यमंत्री ने कहा, 'नई EV पॉलिसी की सफलता काफी हद तक मजबूत चार्जिंग नेटवर्क पर निर्भर करती है और इसके लिए सरकार पूरी तरह तैयार है.'

सिर्फ चार्जिंग नहीं, बैटरी और ई-वेस्ट पर भी फोकस

रेखा गुप्ता ने कहा कि नई पॉलिसी केवल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पूरे EV इकोसिस्टम को शामिल किया गया है. इसमें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी रीसाइक्लिंग, ई-वेस्ट मैनेजमेंट और भविष्य की बिजली जरूरतों की भी योजना बनाई गई है. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी बढ़ेगी. इसे देखते हुए सरकार बिजली ग्रिड और सब-स्टेशनों को मजबूत कर रही है ताकि भविष्य में किसी तरह की समस्या न आए.

आम लोगों पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई EV पॉलिसी का सबसे बड़ा लाभ आम लोगों को मिलेगा. खासतौर पर दोपहिया और तिपहिया वाहन चालकों को ध्यान में रखकर इसमें कई प्रावधान किए गए हैं. उन्होंने कहा, 'हमारी पॉलिसी सबसे पहले आम लोगों के लिए है. इसमें दोपहिया और तीनपहिया वाहनों पर खास ध्यान दिया गया है. सरकार ने प्रोत्साहन योजनाओं के साथ कुछ अनिवार्य प्रावधान भी जोड़े हैं ताकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर तेजी से बदलाव हो सके. 

पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर भी मिलेगा फायदा

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नई पॉलिसी में सरकार केवल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर ही नहीं, बल्कि पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराने पर भी आर्थिक सहायता देगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि वाहन मालिकों को स्क्रैपिंग प्रोत्साहन राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए उनके बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी. वाहन खरीदने के बाद रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिलने के 30 दिनों के भीतर आवेदन किया जा सकेगा और सरकार का लक्ष्य 60 दिनों के भीतर सब्सिडी जारी करने का है.

15 हजार करोड़ रुपये का सपोर्ट पैकेज

रेखा गुप्ता ने बताया कि नई EV पॉलिसी के तहत करीब 7,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी और विभिन्न शुल्कों में छूट दी जाएगी. अगर पूरे इकोसिस्टम को शामिल किया जाए तो इसका कुल आर्थिक समर्थन पैकेज लगभग 15,000 करोड़ रुपये का होगा.

पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वालों को अधिकतम 30,000 रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी. वहीं पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराने वालों को 10,000 रुपये तक अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा. इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से भी छूट मिलेगी.

30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों को टैक्स में छूट

दिल्ली कैबिनेट नई EV पॉलिसी को मंजूरी दे चुकी है. इसके तहत 30 लाख रुपये तक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क से पूरी तरह छूट दी जाएगी. इसके अलावा इलेक्ट्रिक दोपहिया और तीनपहिया वाहनों की खरीद पर भी आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा ताकि अधिक से अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं.

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2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो का होगा रजिस्ट्रेशन

नई पॉलिसी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई अनिवार्य प्रावधान भी शामिल किए गए हैं. इसके तहत 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का ही नया रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और CNG से चलने वाले दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी धीरे-धीरे बंद कर दिया जाएगा.

भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों को भी मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण कम करने के लिए भारी कमर्शियल गाड़ियों को भी इस पॉलिसी में शामिल किया गया है. जुलाई से सितंबर के बीच इलेक्ट्रिक तकनीक अपनाने वाले पहले 1,000 एन-2 श्रेणी के ट्रकों को दिल्ली में 24 घंटे एंट्री की अनुमति दी जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे बड़े ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर इलेक्ट्रिक ट्रकों की ओर तेजी से बढ़ेंगे.

सरकारी फ्लीट भी होगी इलेक्ट्रिक

रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार खुद भी इस बदलाव की शुरुआत करेगी. दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों की ओर से खरीदे या लीज पर लिए जाने वाले नए वाहन धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक होंगे. इसमें मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें, वाटर स्प्रिंकलर और अन्य नगर निगम के वाहन भी शामिल होंगे.

नॉर्वे के मॉडल की स्टडी

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई EV पॉलिसी तैयार करने से पहले नॉर्वे जैसे देशों के सफल मॉडल की स्टडी की गई. साथ ही विशेषज्ञों और उद्योग से जुड़े लोगों की राय भी ली गई. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार केंद्र सरकार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और NCR के अन्य राज्यों के साथ मिलकर प्रदूषण कम करने की दिशा में काम कर रही है. रेखा गुप्ता ने कहा, "प्रदूषण सिर्फ दिल्ली की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे एनसीआर की चुनौती है. इस दिशा में हमें केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों का पूरा सहयोग मिल रहा है."
 

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