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वायु प्रदूषण और कोरोना से दिल्ली में गहरा सकता है दोहरा संकट, पॉश इलाकों में तैनात होगी एंटी स्मॉग गन

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) की मेयर अनामिका ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि एसडीएमसी ने वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए पहले से विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं.

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एंटी स्मॉग गन की जल्द होगी तैनाती (फाइल फोटो)
एंटी स्मॉग गन की जल्द होगी तैनाती (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली के पॉश इलाकों में लगाई जानी है स्मॉग गन
  • प्रदूषण से निपटने के लिए की जा रही है कई कवायद
  • वायु प्रदूषण की वजह से कोरोना हो सकता है खतरनाक

दिल्ली के पॉश इलाकों में दिल्ली का बढ़ता वायु प्रदूषण ना पहुंच सके इसलिए इलाके के 10 खास जगहों पर ना केवल 10 एंटी स्मॉग गन बल्कि 83 वॉटर स्प्रिंकलर और 24 मैकेनिकल रोड स्वीपर लगाए जाएंगे. दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) की मेयर अनामिका ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि एसडीएमसी ने वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए पहले से विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं.

प्रदूषण को काबू करने के मद्देनजर चारों जोनों में नाइट पेट्रोलिंग टीमें रात्रि में कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई करते हुए भारी चालान करेंगी. वहीं डेम्स विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है कि वो कचरा जलाने, निर्माण स्थलों से धूल प्रदूषण, निर्माण और विध्वंस कचरे, सड़क पर धूल और उद्योगों से वायु प्रदूषण के मामलों में तुरंत सख्ती से निपटेंगे और भारी जुर्माना लगाएंगे.

गौरतलब है कि हर साल प्रदूषण का स्तर अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में बढ़ जाता है. लेकिन इस साल कोरोना वायरस के कारण दिल्ली वालों के लिए यह और भी घातक हो सकता है. एक अमेरिकन स्टडी का दावा है कि वायु प्रदूषण में बढ़ता हुआ नाइट्रोजन डाई आक्साइड कोरोना मरीजों के लिए खतरा बढ़ाएगा.

कुछ रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि पीएम-2.5 का हल्का असर कोरोना मरीजों पर देखा गया है. मशहूर पर्यावरणविद अनिल सूद कहते हैं कि दिल्ली की बदतर होती वायु गुणवत्ता सीधे फेफड़ों पर असर करती है और कोरोना भी वहीं वार करता है लिहाजा दिल्ली-एनसीआर के लोगों पर दोहरा संकट आन पड़ा है.  

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आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या तीन लाख के पार हो चुकी है. जबकि कोरोना के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा पांच हजार से कहीं ज्यादा हो गया है.

 

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