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जहर पिलाकर 8 लोगों को उतारा मौत के घाट, अंतिम संस्कार में भी पहुंचता था 'साइको किलर'

बलौदाबाजार जिले में एक कथित साइको किलर ने चार महीनों में जहरीली शराब पिलाकर 8 लोगों की हत्या कर दी. आरोपी राम सहाय जायसवाल पर पुराने विवाद, बदले और निजी रंजिश के चलते वारदातों को अंजाम देने का आरोप है. हैरानी की बात यह है कि वह अपने शिकारों के अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है.

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साइको किलर ने चार लोगों की हत्या की. (Photo: Representational)
साइको किलर ने चार लोगों की हत्या की. (Photo: Representational)

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक दुकानदार पर चार महीनों के भीतर आठ लोगों की हत्या करने का आरोप लगा है. पुलिस के मुताबिक आरोपी राम सहाय जायसवाल ने जहरीले सुहागा पाउडर को शराब में मिलाकर एक-एक कर लोगों को मौत के घाट उतार दिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वह अपने शिकारों के परिवारों के बीच भी मौजूद रहता था और अंतिम संस्कार में शामिल होकर खुद को निर्दोष दिखाने की कोशिश करता था.

पुलिस के अनुसार, 46 वर्षीय राम सहाय जायसवाल को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया. वह पिछले कई महीनों से गांव में बिना किसी शक के घूम रहा था. यह पूरा मामला बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के खरवे गांव का है, जहां फरवरी से मई के बीच लगातार कई लोगों की मौत हुई.

शुरुआत में गांव वालों और परिजनों को लगा कि मौतें बीमारी या अन्य प्राकृतिक कारणों से हो रही हैं. लेकिन समय के साथ लोगों को शक होने लगा. ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि जिन लोगों की मौत हुई थी, वे सभी अपनी मौत से पहले आरोपी के संपर्क में आए थे. इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की.

चार महीने में 8 मौतें, गांव वालों को लगता रहा बीमारी का मामला

जांच के दौरान पुलिस ने 14 मई को मृत हुए महेतरू साहू के शव को 13 जून को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया. इसके बाद छह अन्य शव भी निकलवाकर रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल भेजे गए. वहीं एक मृतक बुधराम जायसवाल का शव नहीं मिल सका क्योंकि उसका अंतिम संस्कार किया जा चुका था.

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पुलिस ने कई टीमों का गठन कर गांव में पूछताछ शुरू की. तकनीकी और फोरेंसिक सबूत भी जुटाए गए. जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक ग्रामीण से यह कहकर सुहागा पाउडर लिया था कि उसे चूहों को मारना है. बाद में पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया.

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने सबसे पहले जहरीले पदार्थ का परीक्षण एक कुत्ते पर किया था. कुत्ते की मौत होने के बाद उसने 6 फरवरी को अपनी पहली हत्या की. आरोप है कि उसने बद्री नाम के व्यक्ति को जहरीली शराब पिलाई, जिससे उसकी मौत हो गई. दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था.

इसके बाद आरोपी ने 20 फरवरी को बुथालू को निशाना बनाया. पुलिस के अनुसार दोनों के बीच पुराने विवाद थे. 12 मार्च को उसने छत्तूराम को कथित तौर पर इसलिए जहर दिया क्योंकि उसे शक था कि उसकी पत्नी के प्रति उसके गलत इरादे हैं. 20 मार्च को भूमि विवाद को लेकर बुधराम की हत्या कर दी गई.

31 मार्च को विनोद कुमार और 28 अप्रैल को गजानंद की हत्या का आरोप भी उसी पर है. पुलिस का कहना है कि गजानंद पर आरोपी को काला जादू करने का संदेह था. वहीं 29 अप्रैल को उसने कथित तौर पर चैतूराम की हत्या कर दी, जिससे उसने 50 हजार रुपये उधार लिए थे. पुलिस का आरोप है कि वह ब्याज चुकाने से बचना चाहता था। 14 मई को महेतरू राम उसकी आखिरी कथित शिकार बने.

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हालांकि आरोपी के सभी प्रयास सफल नहीं हुए. पुलिस के अनुसार कार्तिक नाम का एक शख्स जहरीली शराब पीने के बाद बच गया. परिवार ने समय रहते उसे अस्पताल पहुंचा दिया था. बाद में कार्तिक ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने ही उसे शराब दी थी.

शव निकलवाकर कराए गए पोस्टमार्टम, फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस का कहना है कि आरोपी परिवारों की मदद करता था, बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में हाथ बंटाता था और अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था. इसी वजह से लंबे समय तक किसी को उस पर शक नहीं हुआ. फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के आठ और हत्या के प्रयास का एक मामला दर्ज किया है. फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. मामले की जांच अभी जारी है.
 

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