छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के संजय पार्क से वन विभाग की गंभीर लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां हिरण और कोटरी जैसे वन्यजीवों की सामूहिक मौत ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है. जानकारी के अनुसार पार्क प्रबंधन की चूक के चलते रविवार दोपहर बाड़े का गेट खुला रह गया, जिसके बाद 4 से 5 आवारा कुत्ते अंदर घुस गए और वहां मौजूद वन्यजीवों पर हमला कर दिया.
बताया जा रहा है कि संजय पार्क में बाड़ा बनाकर बड़ी संख्या में हिरण, कोटरी और बारहसिंगा को रखा गया है. लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में भारी लापरवाही के चलते कुत्तों ने इन पर हमला कर दिया. सूत्रों के मुताबिक इस हमले में करीब 15 हिरण और कोटरी की मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य घायल भी हुए हैं.
यह भी पढ़ें: बकरियों के झुंड में शामिल होकर गांव पहुंच गया बेबी हिरण, गांव वालों की सूझबूझ से वापस पहुंचा जंगल
घटना के बाद भी पार्क परिसर में एक हिरण का शव खुले में पड़ा मिला, जो प्रबंधन की संवेदनहीनता को दर्शाता है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश भी की गई. आरोप है कि संजय पार्क प्रबंधन और वन विभाग के अधिकारियों ने मिलकर मृत वन्यजीवों के शवों को शनिवार को पार्क के पीछे जंगल में ले जाकर जला दिया, ताकि घटना की भनक बाहर न लगे.
मौके से मिली जली हुई चिता
मौके से जली हुई चिता के अवशेष भी मिले हैं, जिनमें हिरण और कोटरी के अवशेष स्पष्ट रूप से देखे गए. इतना ही नहीं, जिस स्थान पर शव जलाए गए वहां से खून से सना एक धारदार हथियार भी बरामद हुआ है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
कुछ शवों को ग्रीन पर्दा लगाकर जंगल में दफनाने की भी कोशिश की गई. यह पूरा घटनाक्रम वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है. इधर, डीएफओ ने 15 वन्यजीवों की मौत की पुष्टि करते हुए मामले की जांच एसडीओ स्तर के अधिकारी को सौंप दी है. घटना के बाद संजय पार्क को आम लोगों के लिए तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है.