बिहार में अगले साल विधानसभा का चुनाव होना है लेकिन इससे पहले ही भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनियन के गठबंधन में हलचल होने लगी है. JDU नेता और रणनीतिकार प्रशांत किशोर लगातार इसको लेकर बयान दे रहे हैं और बीजेपी भी जवाब दे रही है. इस बीच अब जदयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हलचल पर प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि गठबंधन में सबकुछ ठीक है.
मंगलवार को जब मीडिया ने नीतीश कुमार से लगातार हो रही बयानबाजी पर सवाल किया, तो उन्होंने सिर्फ इतना ही जवाब दिया, ‘सब ठीक है’.
Bihar Chief Minister Nitish Kumar on BJP-JDU alliance in the state: Sab theek hai.
— ANI (@ANI)
बता दें कि बीते दिनों प्रशांत किशोर ने बयान दिया था कि बिहार में जदयू को विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए. इसी के बाद भारतीय जनता पार्टी की ओर से जवाब आया था, हालांकि प्रशांत किशोर पीछे नहीं हटे.
आज फिर पीके ने किया वार
लगातार बयानबाजी के बीच आज फिर प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील मोदी पर निशाना साधा. पीके ने ट्विटर पर लिखा, ‘बिहार में नीतीश कुमार का नेतृत्व और JDU की सबसे बड़े दल की भूमिका बिहार की जनता ने तय की है, किसी दूसरी पार्टी के नेता या शीर्ष नेतृत्व ने नहीं.
बिहार में का नेतृत्व और JDU की सबसे बड़े दल की भूमिका बिहार की जनता ने तय किया है, किसी दूसरी पार्टी के नेता या शीर्ष नेतृत्व ने नहीं।
2015 में हार के बाद भी परिस्थितिवश DY CM बनने वाले से राजनीतिक मर्यादा और विचारधारा पर व्याख्यान सुनना सुखद अनुभव है।
— Prashant Kishor (@PrashantKishor)
प्रशांत किशोर ने लिखा कि 2015 में हार के बाद भी परिस्थितिवश उपमुख्यमंत्री बनने वाले सुशील मोदी से राजनीतिक मर्यादा और विचारधारा पर व्याख्यान सुनना सुखद अनुभव है.
पीके किस चिड़िया का नाम हैं?
पहले नागरिकता संशोधन एक्ट, फिर एनआरसी के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले प्रशांत किशोर पर बीजेपी की ओर से भी हमला किया जा रहा है. बीजेपी एमएलसी नवल किशोर ने पीके पर निशाना साधते हुए कहा कि वो किस चिड़िया का नाम हैं, वो कौन होते हैं गठबंधन को लेकर फॉर्मूला तय करने वाले.
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर जदयू के नेता होने के साथ-साथ एक राजनीतिक रणनीतिकार भी हैं. उनकी एजेंसी ने हाल ही में आम आदमी पार्टी के साथ करार किया है, यानी अगले महीने होने वाले दिल्ली चुनाव में बीजेपी का मुकाबला PK की रणनीति से ही होगा.