मां-बाप बनने का सपना पूरा करने के लिए कई कपल इन दिनों इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) का सहारा ले रहे हैं. हालांकि, हर कपल को पहली ही कोशिश में सफलता मिल जाए, यह जरूरी नहीं है. कुछ मामलों में प्रेग्नेंसी के लिए एक से ज्यादा IVF साइकिल की जरूरत पड़ सकती है. लेकिन ऐसा क्या होत है कि पहली साइकिल में ही बच्चा कंसीव नहीं हो पाता है और आईवीएफ से इलाज शुरू करने से पहले कपल को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
कब एक से ज्यादा IVF साइकिल की जरूरत पड़ती है?
क्रिस्टा आईवीएफ फर्टिलिटी सेंटर में सीनियर आईवीएफ विशेषज्ञ. डॉ. पूनम मिश्रा ने इस बारे में बताया है. वह कहती हैं कि IVF की सफलता कई बातों पर निर्भर करती है. इसमें महिला की उम्र, अंडों की संख्या, ओवेरियन रिजर्व, पुरुष का स्पर्म काउंट का सही होना जरूरी है. कुछ मामलों में उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के अंडों की संख्या में कमी आ जाती है खासकर 35 साल के बाद यह ज्यादा देखा जाता है. इससे प्रेग्नेंट होने की संभावना कम हो जाती है.
डॉ. पूनम कहती हैं कि जब किसी महिला के शरीर में अंड़ों की संख्या कम होती है तो इस वजह से IVF के दौरान जरूरत के हिसाब से अंडे नहीं मिल पाते. इस वजह से एक से ज्यादा साइकिल की जरूरत पड़ सकती है. वहीं, अगर पुरुष में स्पर्म की संख्या कम है तो भी ऐसा होता है. कई मामलों में हर फर्टिलाइज्ड अंडा विकसित होकर ट्रांसफर करने लायक भ्रूण नहीं बन पाता है. इससे भी पहली साइकिल सफल नहीं हो पाती है.
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पहली कोशिश असफल होने पर क्या बदलता है इलाज?
अगर पहले IVF प्रयास में गर्भधारण नहीं होता, तो डॉक्टर सबसे पहले पूरे ट्रीटमेंट को देखते हैं. इसके आधार पर डॉक्टर अगली बार दवाओं की खुराक, ओवेरियन स्टिमुलेशन का तरीका बदल सकते हैं.
क्या पहली साइकिल सफल होने से प्रेग्नेंट होने के चांस कम है?
एक बार IVF असफल होने का मतलब यह नहीं कि आगे प्रेग्नेंसी संभव नहीं है. हर असफल प्रयास के बाद कई तरह की महंगी जांच कराना भी जरूरी नहीं होता. अगला कदम मरीज की मेडिकल हिस्ट्री और पिछले प्रयास के नतीजों के आधार पर तय किया जाता है.
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IVF शुरू करने से पहले कैसे करें तैयारी?
IVF से पहले महिला की हार्मोन प्रोफाइल, AMH, अल्ट्रासाउंड और जरूरत के मुताबिक गर्भाशय की जांच की जाती है. पुरुष के लिए सीमेन एनालिसिस जरूरी है. इसके अलावा डॉक्टर कुछ संक्रमणों की जांच भी कराते हैं.
आईवीएफ से ट्रीटमेंट शुरू कराने से पहले खानपान का ध्यान रखना भी जरूरी है. इसके लिए फल, सब्जियां अपनी डाइट में शामिल करें. पर्याप्त प्रोटीन लें सही वजन बनाए रखें. पुरुष भी अपनी सेहत का ध्यान रखें और प्रोटीन डाइट में शामिल करे. रोज एक्सरसाइज करना भी बहुत जरूरी है.