हवा में प्रदूषण का लेवल बढ़ने के कारण और बदले मौसम में कई लोगों को बार-बार खांसी आ रही है. जिन लोगों को आमतौर पर सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं होती, उन्हें भी प्रदूषण बढ़ने पर ऐसे लक्षण महसूस हो सकते हैं. कभी-कभार खांसी आना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन अगर खांसी बार-बार आ रही है, तो यह काफी परेशान करने वाली हो सकती है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. डॉक्टर ने प्रदूषण के कारण होने वाली खांसी से बचाव के तरीकों के बारे में बताया है.
प्रदूषण की वजह से खांसी क्यों आती है?
प्रदूषण बढ़ने की वजह से धूल के छोटे- छोटे कण सांस के जरिए फेफड़ों में जाते हैं. जिसस वहां सूजन होती है. इससे भी खांसी आती है. कुछ मामलों में ये दो से तीन दिन में ठीक हो जाती है तो कुछ लोगों में कई दिनों तक बनी रहती है. वैसे तो खांसी अगर ज्यादा है तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. हालांकि कुछ ऐसे तरीके भी हैं जिनसे आप राहत पा सकते हैं.
नोएडा के मेदांता हॉस्पिटल में रेस्पिरेटरी और स्लीप मेडिसिन की डॉ. मनू मदान ने बताया है. वह कहती हैं कि अगर आपको प्रदूषण वाले इलाके में रहने से खांसी आ रही है और इसके अलावा कोई दूसरे गंभीर लक्षण नहीं है तो ये खांसी पॉल्यूशन के कारण हो सकती है. ऐसे में इससे बचाव के लिए कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं.
प्रदूषण के कारण होने वाली खांसी से राहत पाने के आसान तरीके
1. प्रदूषित हवा के संपर्क में कम आएं
खांसी को कम करने का सबसे असरदार तरीका यह है कि जब भी संभव हो, साफ हवा में सांस लें. रोज़ाना एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) चेक करें और जब प्रदूषण का स्तर ज़्यादा हो, तो बाहर कम जाएं. इस दौरान बाहर कसरत (वर्कआउट) करने से भी बचें, क्योंकि तेज सांस लेने से आपके फेफड़ों में ज़्यादा प्रदूषित हवा जा सकती है.
2. बाहर जाते समय अच्छी तरह फिट होने वाला मास्क पहनें
अगर आपको बाहर जाना पड़े, तो अच्छी तरह फिट होने वाला N95 मास्क पहनने से आप धूल के बारीक कणों और प्रदूषण के कणों को सांस के जरिए अंदर जाने से रोक सकते हैं.
3. अपने घर के अंदर की हवा को साफ रखें
प्रदूषण आपके घर के अंदर भी आ सकता है. जब बाहर की हवा खराब हो, तो खिड़कियां बंद रखें. अगर संभव हो, तो HEPA एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें. घर के अंदर धूम्रपान न करें और अगरबत्ती या धुआं पैदा करने वाली अन्य चीजों का इस्तेमाल कम से कम करें, क्योंकि इनसे सांस की नली में और ज्यादा खांसी हो सकती है.
4. अपने गले को आराम दें
दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं. गर्म पानी या अन्य गर्म पेय लेने से गले की जलन में आराम मिल सकता है. एक साल से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों को खांसी से राहत पाने के लिए शहद भी दिया जा सकता है. हालांकि, एक साल से कम उम्र के बच्चों को कभी भी शहद नहीं देना चाहिए.
इन लक्षणों के दिखते ही डॉक्टर के पास जाएं
अगर आपको सांस लेने में परेशानी, सीने में तेज दर्द, खांसी के साथ खून आना या होंठ नीले पड़ने लगें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
प्रदूषण से होने वाली खांसी देखने में मामूली लग सकती है, लेकिन प्रदूषित हवा के बार-बार संपर्क में आने से खतरा हो सकता है.