अगर आप ब्लड टेस्ट कराने जाते हैं तो अधिकतर मामलों में डॉक्टर ये जरूर पूछते हैं कि आपने 10 से 12 घंटे की फास्टिंग की है या नहीं? लेकिन दशकों से चला आ रहा यह नियम हर टेस्ट में जरूरी नहीं है. इसको लेकर 'JAMA Internal Medicine' में एक रिसर्च प्रकाशित की गई है. इस रिसर्च में शोधकर्ताओं ने जब 121 अलग-अलग ब्लड टेस्ट की जांच की तो पता चला कि 121 में से 111 से ज्यादा टेस्ट पर खाली पेट रहने या खाना खाने से कोई खास फर्क पड़ता ही नहीं है.
दशकों पहले डॉक्टरों ने देखा कि खाना खाने के तुरंत बाद खून में शुगर और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ जाते हैं तो डॉक्टरों ने इस टेस्ट के लिए खाली पेट आने को कहा था. इसके अलावा आयरन स्टडी के लिए भी खाली पेट आने की सलाह दी गई थी,लेकिन धीरे-धीरे लैब्स और अस्पतालों ने अपनी सुविधा के लिए इसे एक सामान्य नियम बना दिया. अब कुछ डॉक्टर जब भी रूटीन हेल्थ चेकअप का कोई टेस्ट लिखते, तो कई मामलों में मरीज को 10-12 घंटे भूखा रहने की सलाह देते है. ऐसे में कई बार सुबह की भूख के कारण कुछ लोगों को सिरदर्द या चक्कर की परेशानी हो जाती है. खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए कई घंटे तक भूखे पेट टेस्ट कराना आसान नहीं होता है.
नई रिसर्च में क्या है खास
वैज्ञानिकों ने यह देखने के लिए बड़े पैमाने पर एक स्टडी हुई. इसमें ये देखा गया कि 8 घंटे से कम भूख रहने वाले और 8 से 12 घंटे भूखे रहने वाले लोगों के ब्लड मार्कर में कितना अंतर आता है. शोधकर्ताओं ने ब्लड में जांचे जाने वाले 121 एनालाइट्स को ट्रैक किया. उन्होंने पाया कि केवल 10 टेस्ट ही ऐसे थे, जिनके नतीजों में खाली पेट रहने या न रहने से कोई खास अंतर आया है. रिसर्च में ये भी बताया गया है कि कौन से टेस्ट खाली पेट जरूरी हैं.
यह भी पढ़ें: ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में बढ़ा हुआ आया है थायरॉइड? डॉक्टर से जानें क्या है इसका इलाज, कब दवा है जरूरी
ये टेस्ट ही खाली पेट जरूरी हैं
फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट
लिपिड प्रोफाइल खासकर ट्राइग्लिसराइड्स
GGT (गामा-ग्लूटामिल ट्रांसफरेज)
लाइपेस (Lipase)
यह भी पढ़ें: ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में टोटल कोलेस्ट्रॉल 200 mg/dl से ज्यादा है? डॉक्टर से जानें कितना है खतरा क्या है इलाज
ये टेस्ट खाना खाकर भी करा सकते हैं
सीबीसी यानी Complete Blood Count
इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटेशियम)
थायरॉइड टेस्ट
एचबीए1सी (HbA1c):
विटामिन टेस्ट और हार्मोनल टेस्ट
एक मरीज के तौर पर आपको क्या सावधानी रखनी चाहिए?
खुद से फैसला न लें ऐसा इसलिए क्योंकि रिसर्च में ये साफ चेतावनी दी है कि इस स्टडी का मतलब यह नहीं है कि आप कल से डॉक्टर के कहे बिना टेस्ट से पहले फास्टिंग करना बंद कर दें. इसलिए डॉक्टर से पूछें और उनकी सलाह के हिसाब से ही टेस्ट कराएं.