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घर का एयर प्यूरीफायर सच में हवा साफ कर रहा है या नहीं? डॉक्टर ने बताया कैसे करें पहचान

दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है, जिससे लोग एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल कर रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, मशीन पर दिखने वाले स्तर को देखकर ही हवा साफ होने का फैसला नहीं किया जा सकता. एयर प्यूरीफायर काम कर रहा है या नहीं इसकी पहचान के तरीके के बारे में एक्सपर्ट ने बताया है.

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एयर प्यूरीफायर
एयर प्यूरीफायर

बीते कुछ दिनों से दिल्ली - एनसीआर समेत देश के कई इलाकों में प्रदूषण का लेवल बढ़ रहा है. इसको देखते हुए कई लोगों ने घरों के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल शुरू कर दिया हैं. लेकिन क्या इससे घर की हवा वाकई साफ हो रही है? इसका पता कैसे चले कि प्यरीफायर सही काम कर भी रहा है या नहीं. मेडिकल नजरिए से देखें तो सिर्फ मशीन पर दिखने वाले लेवल और नंबर को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि कमरे की हवा पूरी तरह साफ हो गई है. इसके लिए कुछ बातों को ध्यान में रखने की जरूरत है.

पहले ये समझ लेते हैं कि प्रदूषण शरीर को नुकसान कैसे करता है. डॉक्टर बताते हैं कि प्रदूषण में मौजूद छोटे- छोटे कण सांस के जरिए फेफड़ों के अंदर तक पहुंच सकते हैं. लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से सांस की तकलीफ बढ़ सकती है और दिल की सेहत पर भी असर पड़ सकता है. खासकर अस्थमा के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण से ज्याद नुकसान होता है. ऐसे में हवा को साफ रखने की जरूरत है. 

यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता बिगड़ी, प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता, AQI 300 पार

कैसे पता करें कि एयर प्यूरीफायर काम कर रहा है या नहीं 

यशोदा मेडिसिटी हॉस्पिटल में रेस्पिरेटरी मेडिसिन और पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट में डायरेक्टर डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने इस बारे में बताया है. वह कहते हैं कि आपका एयर प्यूरीफायर वाकई काम कर रहा है या नहीं, इसे परखने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप किसी भरोसेमंद PM2.5 मॉनिटर से उसकी जांच करें. पहले प्यूरीफायर बंद रखकर कमरे के प्रदूषण क लेवल नोट करें, और फिर मशीन चलाने के कुछ देर बाद दोबारा चेक करें, अगर रीडिंग में लगातार गिरावट आ रही है, तो इसका मतलब है कि मशीन हवा साफ कर रही है.

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डॉ राजेश कहते हैं कि वहअपने मरीजों को  यही सलाह देते हैं कि सिर्फ मशीन खरीदना ही काफी नहीं है, उसके सही इस्तेमाल पर भी ध्यान देना चाहिए. हमेशा कमरे के आकार के हिसाब से सही कैपेसिटी वाली मशीन चुनें और फिल्टर की  जांच व उसे समय पर बदलने का ध्यान रखें. अगर फिल्टर गंदा है या कमरे में बाहर की दूषित हवा लगातार आ रही है, तो प्यूरीफायर का असर काफी कम हो जाएगा.

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एयर प्यूरीफायर को प्रदूषण से बचने का एकमात्र समाधान न समझें

 घर के अंदर धुआं पैदा करने वाली चीजों से बचें और प्रदूषण बढ़ने पर खिड़की-दरवाजे बंद रखें. अगर सांस लेने में तकलीफ, खांसी या घरघराहट जैसी समस्या बढ़ रही हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें. 

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